रूद्रप्रयाग। सरकार जनता के द्वार पहल के तहत विकासखंड जखोली की दूरस्थ ग्राम पंचायत उच्छोला में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम ग्रामीणों की समस्याओं और उम्मीदों का सशक्त मंच बनकर सामने आया। जिला सूचना अधिकारी वीरेश्वर तोमर की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित मूलभूत समस्याओं को प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने आपदा के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़क, पैदल मार्ग और अन्य आधारभूत सुविधाओं के पुनर्निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष आई आपदा के बाद कई संपर्क मार्ग अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाए हैं, जिससे दैनिक जीवन और आवागमन प्रभावित हो रहा है। साथ ही कई प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने की बात भी सामने आई।
ग्रामीणों ने गांव में स्थापित मोबाइल टावर के बावजूद 4जी कनेक्टिविटी उपलब्ध न होने की समस्या भी उठाई। इसके अतिरिक्त लंबे समय से बाधित एलपीजी गैस आपूर्ति और गांव के ऊपर से अनियमित रूप से संचालित हो रही हेली सेवाओं को लेकर भी लोगों ने चिंता व्यक्त की।
ग्रामीण उदय लाल ने बताया कि आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की मरम्मत का कार्य जल संस्थान द्वारा ग्रामीणों से कराया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया है। वहीं ग्राम प्रधान चंडी कुमार ने मोटर मार्ग, पैदल पुल, घराट, सिंचाई नहरों, गौशालाओं और शौचालयों के पुनर्निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग रखी।
कार्यक्रम में रामी देवी ने अपने आवासीय भवन के पीछे लगातार हो रहे भूस्खलन से खतरे की जानकारी दी, जबकि अमर सिंह ने राजस्व उप निरीक्षक द्वारा आय अधिक दर्ज किए जाने के कारण पेंशन स्वीकृत न होने की शिकायत प्रशासन के सामने रखी।
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जिला सूचना अधिकारी वीरेश्वर तोमर ने आश्वस्त किया कि सभी शिकायतों को संबंधित विभागों को तत्काल भेजा जाएगा और उनके त्वरित निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद के विभिन्न अधिकारियों को अलग-अलग ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रशासन की पहुंच बढ़ाने और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित समस्याओं का जल्द समाधान होगा।
