श्रद्धा और भक्ति के साथ माँ चंडिका भवानी का विसर्जन, गर्भगृह में हुई विराजमान

चमोली। जन-जन की आस्था की केंद्र आदिशक्ति माँ जिलासू चंडिका भवानी का दिव्य विसर्जन रविवार को अगाध श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। अपने भक्तों को नौ दिनों तक आशीर्वाद देने के उपरांत, माँ भवानी गाजे-बाजे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुनः अपने पावन गर्भगृह में प्रतिष्ठित हो गई हैं।
माँ की विदाई के समय पूरा क्षेत्र जय माँ चंडिका के जयघोष से गुंजायमान रहा। विसर्जन यात्रा में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। ढोल-दमाऊ की थाप और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। भावुक भक्तों ने नम आँखों से माँ को विदाई दी और सुख-समृद्धि की कामना की।
गर्भगृह में विराजमान होने से पूर्व मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और यज्ञ का आयोजन किया गया। विद्वान आचार्यों द्वारा संपन्न कराए गए इस अनुष्ठान में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति दी।
श्रद्धालुओं ने माँ की पावन डोली के दर्शन कर सुख-शांति का आशीर्वाद लिया। विसर्जन के पश्चात आयोजित भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रशासन और स्थानीय वॉलंटियर्स द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हुआ।

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