देहरादून |
पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को प्रेमनगर, देहरादून स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों के माध्यम से शक्ति उपासना का महापर्व है।
मुख्यमंत्री ने 1100 कन्याओं के पूजन को अत्यंत सौभाग्यपूर्ण बताया और आयोजन समिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नारी सम्मान को सुदृढ़ करते हैं और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे मूल्यों को मजबूत करने में सहायक हैं।
धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या को साक्षात देवी स्वरूप माना गया है और शास्त्रों में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त है। बेटियां समाज को सशक्त और समृद्ध बनाती हैं और हमारी संस्कृति और परंपराओं की सशक्त वाहक हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। इसके अंतर्गत छात्रवृत्ति, कक्षा 9 में प्रवेश पर साइकिल वितरण, 12वीं उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन राशि, तथा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी योजनाएँ लागू की गई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह पर 61 हजार रुपये और व्यक्तिगत विवाह पर 55 हजार रुपये तक सहायता दी जा रही है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विवाह सहायता के रूप में 50 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
धामी ने बताया कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे नंदा गौरा योजना, गौरा देवी कन्याधन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना और पोषाहार योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक हर स्तर पर सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र के नौ दिवस केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह आत्मशुद्धि, सेवा, विनम्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। कन्या पूजन हमारी परंपरा के साथ-साथ सेवा, करुणा और विनम्रता का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे हर बेटी की रक्षा, शिक्षा और प्रगति का संकल्प लें।
कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारा में माथा टेका और श्रद्धा व्यक्त की।
