देवप्रयाग में RSS शताब्दी वर्ष पर विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन, संस्कृति और सनातन मूल्यों पर हुआ मंथन

नई टिहरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर देवप्रयाग स्थित ऐतिहासिक श्री रघुनाथ मंदिर परिसर में बुधवार को भव्य विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्री रघुनाथ सनातन धर्म समिति के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म की व्यापकता और विश्व बंधुत्व की भावना को जन-जन तक पहुंचाना रहा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से वातावरण पूरी तरह धर्ममय हो गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री रघुनाथ कीर्ति संस्कृत विश्वविद्यालय के बटुकों द्वारा स्वस्ति वाचन एवं योगासन प्रदर्शन से हुआ। इसके बाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने गढ़वाली लोक नृत्य और पारंपरिक गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी ने श्रद्धालुओं को हिंदू धर्मग्रंथ वितरित करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति ने सदैव मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है, जिसे आज आत्मसात करने की आवश्यकता है। वक्ता रक्षा रतूड़ी ने संयुक्त परिवार व्यवस्था के टूटने पर चिंता जताई, जबकि संघ के प्रांत पर्यावरण प्रचारक चंदन कुमार ने आरएसएस की सौ वर्षों की सेवा यात्रा और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डाला। संत विशुद्धानंद ने धर्म, कर्म और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर समाज सेवा, कला और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इनमें कलाकार दिवाकर ठाकुर, गोग्रीन संस्था के उपाध्यक्ष जय प्रकाश ध्यानी और सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज देवप्रयाग की मेधावी छात्रा वैष्णवी कोटियाल शामिल रहीं।

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