इस जनहितकारी हस्ताक्षर अभियान में चिरबटिया, मयाली, तैला, बड़मा, जखोली, कुड़ी–अदूली, बसुकेदार और गुप्तकाशी क्षेत्र के 7785 नागरिकों ने समर्थन देकर यह स्पष्ट कर दिया कि यह मार्ग क्षेत्र की सामूहिक आवश्यकता है, न कि किसी एक व्यक्ति की मांग।
चिरबटिया–मयाली–गुप्तकाशी मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि केदारनाथ धाम के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक यात्रा मार्ग है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान इस मार्ग ने सेना, प्रशासन और राहत एजेंसियों के लिए जीवनरेखा का कार्य किया था।
माननीय मुख्यमंत्री से वार्ता के उपरांत उत्तराखंड सचिवालय में गढ़वाल आयुक्त दयाशंकर पांडे द्वारा इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को विस्तृत एवं तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यह दर्शाता है कि शासन जनता की आवाज को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुन रहा है।
इस मार्ग को चार धाम सर्किट में सम्मिलित किए जाने से न केवल वर्तमान यात्रा मार्गों पर दबाव कम होगा, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। साथ ही आपदा प्रबंधन की दृष्टि से प्रशासन के पास एक मजबूत विकल्प उपलब्ध रहेगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं और छोटे व्यापारियों को रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। होमस्टे, होटल-ढाबे, टैक्सी सेवा, वाहन चालक, मैकेनिक, चाय विक्रेता और छोटे दुकानदारों की आजीविका सुदृढ़ होगी।
यह पहल केवल आज की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक मजबूत कदम है।
अब समय आ गया है कि जनहित, सुरक्षित चार धाम यात्रा और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए गुप्तकाशी–मयाली–चिरबटिया मोटर मार्ग को शीघ्र चार धाम सर्किट में शामिल किया जाए।
