माघ मेला के दूसरे दिन लोक गायकों ने बिखरे रंग,माघ मेला में हाथी स्वांग ने किया आकर्षित

उत्तरकाशी।   पौराणिक माघ मेला बाराहाट कू थौलू के दूसरे दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही है। माघ मेला पंडाल में  लोक गायकों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। आशा राम भजन दल चकोन, दिलसौड,पोखरी,अठाली दल की राशो नृत्य, लोक गायक विनोद चौहान भंगेली, कुमारी ज्योति आर्य पंजाला, लोक गायक कीर्ति बंसल, सुंदर दास प्रेमी, संतोष खेंतवाल, के गितों में खूब झूमे।

वहीं, माघ मेले में गुरुवार को  हाथी स्वांग आकर्षण का केंद्र रहा। बाड़ाहाट कु थौलू व पांडव नृत्य समिति की ओर से परंपरागत हाथी स्वांग में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। समिति की ओर से मकर संक्रांति के पर्व पर हर साल यह परंपरागत आयोजन किया जाता है।

बाड़ाहाट स्थित कंडार देवता मंदिर में पूजा -अर्चना के बाद हाथी स्वांग शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें सजावट के साथ हाथी का पुतला बनाया गया था व उसके आगे पांडवों के पश्वा नृत्य करते हुए चल रहे थे। भैरव चौक, विश्वनाथ चौक, रामलीला मैदान से होते हुए यह शोभायात्रा मणिकर्णिका घाट पहुंची। विभिन्न जगहों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर हाथी स्वांग का स्वागत किया। यहां पूजा अर्चना के बाद स्वांग का विसर्जन किया गया। मणिकर्णिका घाट से शोभायात्रा वापस कंडार देवता मंदिर पहुंची। बाड़ाहाट निवासी  बुद्धि सिंह पंवार ने बताया कि हाथी स्वांग इस क्षेत्र की सदियों पुरानी परंपरा रही है। इसमें खास तौर पर बाड़ाहाट, लक्षेश्वर, पाटा, संग्राली, बग्याल गांव के ग्रामीण शामिल होते हैं।

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