नई टिहरी। जनपद टिहरी गढ़वाल में आम जनमानस की समस्याओं को उनके द्वार पर ही सुलझाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के तहत प्रशासन की सक्रियता सुदूरवर्ती क्षेत्रों में देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को प्रतापनगर तहसील और जाखणीधार ब्लॉक के अंतर्गत न्याय पंचायत सिलोली के राजकीय इंटर कॉलेज राजाखेत में एक भव्य बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की अध्यक्ष और राज्यमंत्री गीता रावत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि क्षेत्रीय विधायक विक्रम सिंह नेगी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। शिविर के दौरान प्रशासन ने कुल 103 आवेदन और शिकायतें प्राप्त कीं, जिनमें से अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण कर फरियादियों को राहत प्रदान की गई। वहीं, शिविर में अनुपस्थित रहने पर खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) जाखणीधार का स्पष्टीकरण तलब करते हुए प्रशासन ने कड़े तेवर दिखाए हैं।
शिविर के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लोगों को लाभान्वित किया। बाल विकास विभाग द्वारा मौके पर ही 12 पात्र लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। वहीं, पंचायती राज विभाग ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत 13 विवाह पंजीकरण कराए, जिनमें से 6 जोड़ों को तत्काल पंजीकरण प्रमाण पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक विक्रम सिंह नेगी ने क्षेत्र की स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए अपनी विधायक निधि से कूड़ा उठान हेतु एक वाहन देने की महत्वपूर्ण घोषणा की। साथ ही, उन्होंने जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा के लिए बंदूक लाइसेंस प्रक्रिया को सरल करने और स्कूली रास्तों पर उगी झाड़ियों के कटान का मुद्दा उठाया। विधायक के सुझाव पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (एडीपीआरओ) को सभी न्याय पंचायतों में रास्तों की सफाई के लिए “बुश कटर” की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शिविर में मुख्य अतिथि गीता रावत ने जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशासन का गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान करना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से न केवल शिकायतों का निवारण हो रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक ग्रामीणों को शिविरों तक लाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त शिकायतों को “जन समर्पण पोर्टल” पर अपलोड कर एक सप्ताह के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। शिविर में मदननेगी बाजार में गंदगी की समस्या पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए बीडीओ और एसडीएम को निर्देश दिए कि कूड़ा फैलाने वाले दुकानदारों का चालान किया जाए और व्यापार मंडल के साथ बैठक कर मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही श्रम विभाग को रोस्टर बनाकर श्रमिकों के पंजीकरण हेतु कैंप लगाने के निर्देश दिए गए।
