नई टिहरी। उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी पहल और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के दिशा-निर्देशन में शनिवार को जिले के दो प्रमुख विकासखंडों जौनपुर और थौलधार में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत भव्य बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की समस्याओं का उनके घर-आंगन में ही त्वरित समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना था। शिविरों में बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें से कई का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
विकासखंड जौनपुर की न्याय पंचायत म्याणी के राजकीय इंटर कॉलेज म्याणी, जाखधार में आयोजित शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने की। इस दौरान उन्होंने शिविर में मौजूद विभिन्न विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों को केवल फाइलों तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने हिदायत दी कि जिन शिकायतों का समाधान मौके पर संभव नहीं हो पाया है, उनका निस्तारण एक निर्धारित समय सीमा के भीतर गंभीरता से सुनिश्चित किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने जोर देकर कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि सरकार की मंशा प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाकर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना है।
दूसरी ओर, तहसील कण्डीसौड के विकासखंड थौलधार अंतर्गत न्याय पंचायत बरवाल गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज कमांद में उपजिलाधिकारी टिहरी संदीप कुमार की अध्यक्षता में शिविर संपन्न हुआ। यहां भी विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने स्टॉल लगाकर केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं की जानकारी आम जनमानस को दी। शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन प्रकरणों, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्डों के नवीनीकरण और ई-केवाईसी, तथा बैंकिंग सेवाओं से जुड़े मामलों का प्रमुखता से निपटारा किया गया। शिविर में आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कई मामलों को सुलझाया गया।
इन दोनों स्थानों पर आयोजित बहुउद्देशीय शिविरों के आंकड़े प्रशासन की सक्रियता को बयां करते हैं। शिविरों में जनता की ओर से विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 87 आवेदन दर्ज कराए गए। इसके अलावा, प्राप्त 76 शिकायतों में से 43 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर लोगों को राहत प्रदान की गई, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया। शिविर के माध्यम से कुल 54 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित किया गया।
