नई टिहरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में टिहरी जनपद के अंतर्गत निर्माणाधीन महत्वाकांक्षी लखवाड़ बांध बहुउद्देशीय परियोजना के कार्यों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। प्रशासन ने परियोजना को शीर्ष प्राथमिकता पर रखते हुए न केवल निर्माण कार्यों में तेजी लाई है, बल्कि विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को भी उतनी ही गंभीरता से सुलझाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने परियोजना से प्रभावित होने वाले काश्तकारों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ बैठकें कर उनकी समस्याओं का निराकरण करते हुए अनुग्रह अनुदान राशि का वितरण सुनिश्चित किया है, जिससे वर्षों से इंतजार कर रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
प्रशासनिक सक्रियता का ही परिणाम है कि परियोजना क्षेत्र के तहत आने वाले ग्राम कुणा के प्रभावितों को उनका वाजिब हक मिल पाया है। जिलाधिकारी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि नवंबर माह में ग्राम कुणा के 27 काश्तकारों को उनकी अधिग्रहित भूमि के एवज में लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि अनुग्रह अनुदान के रूप में वितरित की जा चुकी है। यह कदम प्रभावित परिवारों के आर्थिक पुनर्वास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि समय पर मिला मुआवजा ग्रामीणों को अपना भविष्य संवारने में मदद करेगा। इस सफल वितरण के बाद अब प्रशासन का पूरा फोकस शेष बचे गांवों पर केंद्रित हो गया है।
मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने मिशन मोड में कार्य करना शुरू कर दिया है। ग्राम कुणा के अलावा रणोगी, तिलमिलयाल, मरोड़, भटोली, बनोगी, बेल, सड़ब, सैंजी, काण्डी मल्ली, मेलगढ़ और टटोर जैसे करीब एक दर्जन गांवों के प्रभावित काश्तकारों के अभिलेखों का सत्यापन कार्य भी पूरी तरह से संपन्न कर लिया गया है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद अब इन गांवों के पात्र किसानों को भी शीघ्र ही अनुग्रह राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न किया जाए ताकि प्रभावितों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
