टिहरी। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देश और जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अमित कुमार सिरोही के मार्गदर्शन में आपदा प्रभावितों को तत्काल विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक राम त्रिपाठी ने शनिवार 20 सितंबर को नागणी, आमसेरा, जिजली और सिल्लासौड़ का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों और आपदा पीड़ितों ने बताया कि 14 और 15 सितंबर की मध्य रात्रि को भारी अतिवृष्टि से आई प्राकृतिक आपदा ने कई घरों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचाया। नागणी और आमसेरा में कई मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि कई दुकानों के भीतर मलबा भर गया। जिजली गांव में सोनी देवी का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उन्हें चोट भी आई, जिन्हें प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है।
ग्रामवासियों ने बताया कि पाइपलाइन टूट जाने से गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। वहीं, सिल्लासौड़ गांव में तीन मकानों के आंगन बारिश से पूरी तरह बह गए और शेष मकानों में दरारें पड़ गई हैं। पूरे गांव की पानी की पाइपलाइन भी बाढ़ में बह गई, जिसके चलते पूरा गांव पेयजल संकट से जूझ रहा है।
सचिव आलोक राम त्रिपाठी ने प्रभावितों की समस्याएं सुनीं और उन्हें हर संभव विधिक सहायता एवं आपदा राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
इस अवसर पर तहसीलदार नरेंद्रनगर अयोध्या प्रसाद उनियाल, रिटेनर अधिवक्ता राजपाल सिंह मिन्या, राजस्व उपनिरीक्षक सुनीता भंडारी, प्रदीप पांडेय, पुलिस चौकी नागणी के पुलिसकर्मी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारमित्र कृष्णा रौतेला, गुड्डी रावत, सुरमा देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
