टिहरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के सहयोग से 79वें स्वतंत्रता दिवस पर संगम समूह की महिलाओं ने ‘तिरंगा मेला’ का आयोजन कर पर्यावरण संरक्षण और नो प्लास्टिक यूज़ का सशक्त संदेश दिया। इस अवसर पर महिलाओं ने प्लास्टिक से बने झंडों और सजावटी सामान का पूर्ण बहिष्कार करते हुए, सूती कपड़े के तिरंगे, जूट के थैले, पॉकेट बैज, बैंड, फ्लावर पॉट और अन्य हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुएं स्वयं तैयार कीं।
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल के निर्देशों के तहत, जनपद के विभिन्न समूहों द्वारा कई स्थानों पर स्टॉल लगाए गए। मुनिकीरेती के 14 बीघा क्षेत्र में लगा संगम समूह का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि यहां आए पर्यटकों का भी ध्यान खींचा। स्टॉल पर स्वतंत्रता दिवस थीम पर आधारित वस्तुएं जैसे रिस्टबैंड, जूट के थैले, फ्लावर पॉट के साथ-साथ जन्माष्टमी के लिए भगवान कृष्ण के वस्त्र और सजावटी सामान भी उपलब्ध थे, जिससे यह मेला सांस्कृतिक और उत्सवधर्मी रंगों से भर गया।
संगम समूह की अध्यक्ष गीता खरोला ने बताया कि उनकी 11 सदस्यीय टीम ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अवसर पर संकल्प लिया था कि स्वतंत्रता दिवस पर उपयोग होने वाली सभी वस्तुएं प्लास्टिक-मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल होंगी। उन्होंने कहा कि यह सभी उत्पाद समूह की महिलाओं ने अपने घरों में तैयार किए हैं, और नगर पालिका परिषद ने स्टॉल लगाने से लेकर सभी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया है।
गीता खरोला ने आगे कहा कि यदि जिला प्रशासन का सहयोग इसी प्रकार जारी रहा, तो वे प्रत्येक विकासखंड में महिलाओं को हाथ से सूती तिरंगा बनाने का प्रशिक्षण देने की योजना बना रही हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर स्थायी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
