नागराजा मंदिर तक बनेगा कैनोपी युक्त मार्ग, धार्मिक आयोजनों के लिए बनेगा वृहद टीनशेड
कथा में पहुंचे विधायक विक्रम सिंह नेगी, सेम मुखेम को बताया प्रदेश का प्रमुख नागतीर्थ
नई टिहरी। प्रतापनगर क्षेत्र के प्रसिद्ध नागतीर्थ स्थल सेम मुखेम के मडभागी सौड़ में चल रही श्रीमद भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस पावन अवसर पर कथा वाचक गौ-गंगा प्रेमी आचार्य भरत किशोर ने उपस्थित भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, संस्कृति और श्रद्धा का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब धार्मिक स्थलों पर सामूहिक रूप से पूजा, अनुष्ठान और कथाएं आयोजित की जाती हैं, तो न केवल आत्मिक शांति मिलती है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल की प्राप्ति भी होती है।
कथा के पांचवें दिन विशेष रूप से क्षेत्रीय विधायक विक्रम सिंह नेगी भी पहुंचे। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सेम मुखेम का नागराजा धाम न केवल प्रतापनगर का गौरव है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड का एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक नागतीर्थ स्थल है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं, जिन्हें मडभागी सौड़ से सेम मंदिर तक की लगभग दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है।
विधायक नेगी ने घोषणा की कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मडभागी सौड़ से सेम मंदिर तक के पैदल मार्ग को कैनोपी युक्त बनाया जाएगा, जिससे बरसात और धूप में भी श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि मडभागी सौड़ में समय-समय पर आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, मेलों और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए एक वृहद टीनशेड का निर्माण कराया जाएगा, जो भविष्य में होने वाले बड़े आयोजनों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। इनमें राज्य आंदोलनकारी देवी सिंह पंवार, डॉ. देशबंधु भट्ट, विजय पोखरियाल, नरेंद्र चमोली, अनिल गैरोला, लक्ष्मण कलूड़ा, प्रदीप मटियाल, सौरभ रावत, कबूल सिंह नेगी और मनमोहन डिमरी समेत कई श्रद्धालु शामिल हुए।
यह आयोजन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता के भाव को भी सशक्त बनाने वाला सिद्ध हुआ, जिसमें परंपरा, भक्ति और क्षेत्रीय विकास की एक साथ झलक देखने को मिली।
