नई टिहरी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद टिहरी गढ़वाल में पर्यटन को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन तथा पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समिति की आय-व्यय की समीक्षा के साथ ही पर्यटन विभाग की परिसंपत्तियों के प्रभावी संचालन एवं साहसिक खेलों के सुरक्षित संचालन हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
पर्यटक परिसंपत्तियों के संचालन को पीपीपी मोड में लाने की तैयारी, स्थानीय लोगों को मिलेगा प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि काणाताल, शिवपुरी, कैम्पटी, धनोल्टी, कोटी कॉलोनी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर संचालित साहसिक गतिविधियों के सभी संचालक 15 जून, 2025 तक अनिवार्य रूप से सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में सेम नागराजा स्वयं सहायता समूह-मुखेम, पर्यटक सुविधा केंद्र काण्डी, सौड़ (काणाताल), कुंजापुरी, सुनारीगाड़, नैखरी चंद्रवदनी तथा टिहरी झील कोटी कॉलोनी में स्वदेश दर्शन योजना के तहत निर्मित दुकानों की संचालन अवधि बढ़ाने पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने कोटेश्वर झील में नया बोटिंग प्वाइंट विकसित करने, बौराड़ी और चंबा पार्किंग स्थल को ऑफ सीजन में किसी अन्य प्रयोजन हेतु न दिए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत सेम मुखेम में सौंदर्यीकरण कार्यों की डीपीआर तैयार करने, खैट पर्वत ट्रेक रूट सौंदर्यीकरण, कौड़िया ट्रेक रूट के यूजर चार्ज प्रस्ताव तैयार करने तथा बर्ड वॉचिंग व नेचर ट्रेल ट्रेनिंग कार्यक्रमों को शुरू करने की योजना पर भी विचार हुआ।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर, सीओ टिहरी ओसीन जोशी, ब्लॉक प्रशासक जाखणीधार सुनीता देवी, चंबा की प्रशासक शिवानी बिष्ट, डीटीडीओ एस.एस. राणा, एटीओ अरविंद चौहान समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
यह बैठक जिले में पर्यटन गतिविधियों को संरचित रूप देने, सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने और स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
