नई टिहरी। 50वें राष्ट्रीय कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का रंगारंग समापन हो गया। नौ दिवसीय महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण के नाम रही। उनके पारंपरिक जागरों और लोकगीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद स्थानीय स्कूली बच्चों ने डांस, गायन और वादन की शानदार प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विधिवत रूप से मेले के समापन की घोषणा की।

आपसी सहयोग और टीम भावना से सफल होते हैं बड़े आयोजन: सुबोध उनियाल
समापन समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कोई भी बड़ा आयोजन केवल धन के बल पर सफल नहीं होता, बल्कि इसके लिए आपसी तालमेल, समर्पण और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग का निस्वार्थ सहयोग ही किसी मेले को भव्य और ऐतिहासिक बनाता है।
उन्होंने मेला प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने टीम भावना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आयोजन को सफल बनाया। मेले के सुव्यवस्थित संचालन में मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पवार सहित समिति के पदाधिकारियों और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न संचालन समितियों के बीच बेहतर समन्वय के चलते महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
खेल प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित
मेले के दौरान खेल समिति की देखरेख में कबड्डी, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतिभाग किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और विजेता टीमों को पुरस्कार एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
प्रीतम भरत्वाण के जागरों ने बांधा समां
मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में पद्मश्री सम्मानित जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप के बीच मां नंदा के पौराणिक जागरों और लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति ने पंडाल में मौजूद हजारों दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
उनकी प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर उत्साह दिखाया। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं से जुड़ी इस सांस्कृतिक संध्या ने मेले के समापन को यादगार बना दिया।
स्थानीय बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता दर्शकों का दिल
प्रीतम भरत्वाण की प्रस्तुति के बाद विशेष स्थानीय सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के स्कूली बच्चों और उभरते बाल कलाकारों ने नृत्य, गायन और वादन के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
नन्हे कलाकारों ने उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्यों पर आकर्षक समूह नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं, स्थानीय बच्चों ने सुरीली आवाज में लोकगीत गाकर और वाद्य यंत्र बजाकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा और शानदार प्रस्तुतियों की दर्शकों ने खड़े होकर सराहना की।
मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल और मेला समिति की ओर से प्रतिभावान बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया तथा उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने वाली इस पहल ने सांस्कृतिक कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ नौ दिवसीय महोत्सव
पुलिस और स्थानीय प्रशासन की बेहतर व्यवस्थाओं के सहयोग से 50वां राष्ट्रीय कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मेले के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियों ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यटन की संभावनाओं को प्रदर्शित किया।
4.76 करोड़ रुपये के पांच विकास कार्यों का लोकार्पण
मेले के समापन समारोह के अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, दीप प्रज्वलित किया और मां कुंजापुरी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कुल 476.15 लाख रुपये यानी लगभग 4.76 करोड़ रुपये की लागत वाले पांच विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
महोत्सव के समापन के साथ ही क्षेत्र में नौ दिनों तक चले सांस्कृतिक, खेल एवं पर्यटन संबंधी आयोजनों का समापन हुआ। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों और विकास कार्यों के लोकार्पण के साथ 50वां राष्ट्रीय कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला यादगार बन गया।
