आकंड़ों की सटीकता और समयबद्धता सुनिश्चित करें: CDO वरुणा अग्रवाल

 

नई टिहरी। जिला मुख्यालय में शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में पंचायत उन्नति सूचकांक (Panchayat Advancement Index – PAI) को लेकर एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला देर शाम तक चली, जिसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 के PAI 1.0 के आंकड़ों की समीक्षा की गई तथा आगामी PAI 2.0 की प्रमुख विशेषताओं और बदलावों की जानकारी दी गई।

पंचायत उन्नति सूचकांक के तहत विकास के नौ आयामों पर होगा काम

मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी पंचायत उन्नति सूचकांक के लिए आवश्यक आंकड़ों को न केवल समय पर, बल्कि पूरी सटीकता के साथ भरें। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए सभी विभाग पूर्व तैयारियों को सुनिश्चित करें और पिछली रिपोर्ट्स का अध्ययन कर कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने पुलिस विभाग को थानों से संबंधित आंकड़ों को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, वहीं जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) को डेटा संग्रह प्रारूप सभी विभागों को उपलब्ध कराने को कहा गया।

 

वरुणा अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि PAI प्रक्रिया में सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इस दिशा में डीपीआरओ को जनपद स्तर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और विभागीय स्तर पर सभी रेखीय विभागों के प्रमुख नोडल अधिकारी होंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप सूचकांक की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

 

कार्यशाला में डीपीआरओ एम.एम. खान ने विस्तार से बताया कि पंचायत उन्नति सूचकांक एक ऐसा मापक यंत्र है जो ग्राम पंचायत स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक राष्ट्रीय सतत विकास एजेंडा को साकार करने के लिए पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा पहले के पंचायत विकास सूचकांक को परिवर्तित कर अब पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) के रूप में नया प्रारूप तैयार किया गया है। इसके माध्यम से ग्राम पंचायतों की प्रगति को नौ प्रमुख लक्ष्यों के आधार पर आंका जाएगा

PAI 2.0 की प्रक्रिया 30 सितंबर 2025 तक होगी पूर्ण

डीपीआरओ ने कार्यशाला में आगामी प्रक्रिया की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इसके अनुसार, 30 जून को ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। 1 जुलाई से ग्राम पंचायत स्तर पर PAI 2.0 पोर्टल पर डेटा प्रविष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसे 15 जुलाई तक पूर्ण करना होगा। 31 जुलाई तक ब्लॉक स्तर पर सत्यापन कार्य संपन्न किया जाएगा, जबकि जिला स्तरीय सत्यापन टीम को 15 अगस्त तक यह कार्य पूर्ण करना है। इसके पश्चात राज्य स्तरीय टीम 31 अगस्त तक समस्त आंकड़ों का राज्य स्तर पर सत्यापन करेगी और अंततः 30 सितंबर 2025 तक सत्यापित आंकड़ों को केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

 

 

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