पाकिस्तान से पहुंचे 40 सिख श्रद्धालुओं के जत्थे ने भी की अंतिम अरदास में शिरकत, वर्ष 2026 की यात्रा संपन्न
चमोली। सिखों के प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब और श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शनिवार को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसके साथ ही वर्ष 2026 की तीर्थयात्रा का समापन हो गया। इस वर्ष हेमकुंड साहिब में रिकॉर्ड 3,84,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मत्था टेका।
कपाट बंद होने के अवसर पर गुरुद्वारे में सुखमणी साहिब का पाठ, शबद-कीर्तन और अंतिम अरदास की गई। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इसके बाद पंज प्यारों की अगुवाई में गुरु ग्रंथ साहिब को सेना के बैंड की धुनों के बीच सचखंड साहिब में सुशोभित किया गया। इस दौरान पूरा परिसर गुरुवाणी और श्रद्धा के भाव से गूंज उठा।
समापन समारोह में पाकिस्तान से पहुंचे 40 सदस्यीय सिख श्रद्धालुओं के जत्थे सहित देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालु इस पवित्र आयोजन के साक्षी बने और गुरु महाराज के समक्ष मत्था टेककर अरदास की।
गौरतलब है कि इस वर्ष हेमकुंड साहिब की यात्रा 23 मई को शुरू हुई थी। दुर्गम पर्वतीय मार्गों और मौसम की चुनौतियों के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। यात्रा के समापन के साथ ही अब हेमकुंड साहिब और श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद रहेंगे।
