अलग अलग मामलों में पौने तीन करोड़ की रकम को फर्जीवाड़े से निकालने का मामला आया सामने।
हरिद्वार। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के नालंदा-नवादा से जुड़े संगठित मगध साइबर गैंग के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने कार की चेकिंग के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 35 एटीएम कार्ड, 14 बैंक पासबुक, 17 सिम कार्ड, 18 मोबाइल फोन और दो लैपटॉप सहित भारी मात्रा में सामग्री बरामद की है। शुरुआती जांच में 2 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन के सुराग मिलने की बात सामने आई है।
एसपी सिटी कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि कल रात सज्जनपुर पीली क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की कार में साइबर फ्रॉड से जुड़े लोग मौजूद हैं। रसियाबड़ सिंगल लाइन प्वाइंट पर चिड़ियापुर की ओर से आ रही कार को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार पांच लोगों के पास से 35 एटीएम कार्ड, 14 बैंक पासबुक, 17 सिम कार्ड, 18 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक लैपटॉप चार्जर, 10 ATM कवर, पैन कार्ड और 37,500 रुपये नकद बरामद किए गए।
बरामद मोबाइलों की चैट, बैंक खातों और क्यू आर कोड से संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक आरोपी म्यूल खातों में साइबर फ्रॉड की रकम प्राप्त कर उसे यूपीआई और अन्य खातों के माध्यम से ट्रांसफर करते तथा एटीएम से नकद निकालकर कमीशन बांटते थे। बैंक खातों की केवाईसी और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की जांच की पुलिस द्वारा की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में कृष्णा पांडे निवासी नालंदा, निरंजन कुमार निवासी नवादा, सन्नी हरिद्वार, चंद्रमणि कुमार निवासी नवादा और चंदन पांडे निवासी हरिद्वार शामिल हैं। पुलिस टीम में एसपी सिटी अभय सिंह, सीओ सिटी शिशुपाल नेगी, सीओ साइबर क्राइम/भगवानपुर सुमित पांडे, थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, एसएसआई मनोज रावत, एसआई देवेंद्र तोमर, एसआई मोहन कठैत, एसआई गगन मैठाणी, एएसआई रविंद्र गौड़, एएसआई देवेंद्र यादव, हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह नेगी, हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, कांस्टेबल राहुल देव, सुशील चौहान, मनमोहन सैनी, सुदेश खरोला, नीरज बिष्ट, अनिल रावत, जितेंद्र घिल्डियाल, अजय चौहान, संदीप रावत, राजेंद्र नेगी, कांस्टेबल वसीम, चालक मोहन रावत तथा होमगार्ड विनोद रावत और नितिन चौहान शामिल रहे।
