रुद्रप्रयाग पुलिस ने छात्र-छात्राओं को किया जागरूक, साइबर ठगी से बचाव और आपातकालीन सेवाओं की दी जानकारी

रुद्रप्रयाग। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में जनपद पुलिस की ओर से आमजन और छात्र-छात्राओं को आपातकालीन सेवाओं, साइबर अपराधों तथा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बेलनी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी।

आपात स्थिति में 112 नंबर पर करें कॉल

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस कर्मियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना, चिकित्सा संबंधी आपात स्थिति, मारपीट, विवाद, असुरक्षा अथवा किसी अन्य संकट की स्थिति में 112 नंबर पर कॉल कर तत्काल सहायता मांगी जा सकती है। इसके साथ ही 112 इंडिया मोबाइल एप और उसमें उपलब्ध आपातकालीन सहायता सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

पुलिस ने जानकारी दी कि 112 पर सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित क्षेत्र की पुलिस टीम को आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया जाता है। ऐसे में आपात स्थिति के दौरान घबराने के बजाय सही समय पर पुलिस को सूचना देना महत्वपूर्ण है।

ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी लिंक से रहें सतर्क

साइबर जागरूकता अभियान के तहत छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी के बदलते तरीकों के प्रति सचेत किया गया। पुलिस टीम ने ऑनलाइन गेम में मुफ्त डायमंड, स्किन अथवा अन्य इनाम दिलाने का लालच देकर भेजे जाने वाले फर्जी लिंक से दूर रहने की सलाह दी।

इसके अलावा अनजान गेमर्स और सोशल मीडिया पर संपर्क करने वाले लोगों द्वारा फोटो, मोबाइल नंबर तथा अन्य निजी जानकारी हासिल करने के प्रयासों के प्रति भी सतर्क रहने को कहा गया। पुलिस ने विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने की अपील की।

डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर होने वाली ठगी से बचें

पुलिस कर्मियों ने डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर की जाने वाली साइबर ठगी, फर्जी संदेशों, संदिग्ध वेबसाइटों और अनजान लिंक के माध्यम से होने वाले अपराधों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में अपनी निजी जानकारी, बैंकिंग विवरण, ओटीपी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

पुलिस ने मोबाइल पर प्राप्त संदिग्ध लिंक को खोलने से बचने और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सत्यता की जांच करने की सलाह दी। विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहते हुए अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सावधान करने के लिए प्रेरित किया गया।

साइबर ठगी होने पर 1930 पर दें सूचना

कार्यक्रम में पुलिस टीम ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देरी किए साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल cybercrime.gov.in के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।

पुलिस ने बताया कि ठगी के तुरंत बाद शिकायत मिलने पर धोखाधड़ी से संबंधित धनराशि को रोकने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए साइबर अपराध की जानकारी मिलते ही तत्काल शिकायत करना जरूरी है।

पुलिस अधिकारियों सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं रहे मौजूद

जागरूकता कार्यक्रम में उपनिरीक्षक पुलिस दूरसंचार कपिल नैथानी, अपर उपनिरीक्षक पुलिस दूरसंचार हेमंत, मुख्य आरक्षी रमेश कोहली, मुख्य आरक्षी पुलिस दूरसंचार पंकज सिंह तथा पीआरडी जवान सुमित कुमार और हेमराज सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

जनपद पुलिस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपातकालीन सेवाओं के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए जरूरी जानकारी प्रदान करना रहा।

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