पौड़ी गांव की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर की निष्पक्ष जांच की मांग
पौड़ी। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सोमवार को पौड़ी गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं राज्य आंदोलनकारी कमल नेगी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचीं और चिन्हीकरण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में महिलाओं ने मुख्य विकास अधिकारी से वार्ता करते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों को गलत दस्तावेजों और प्रमाणों के आधार पर राज्य आंदोलनकारी के रूप में चिन्हित किया गया है। महिलाओं का दावा है कि कुछ मामलों में ऐसे लोगों और उनके परिवार के सदस्यों को भी आंदोलनकारी का दर्जा मिला, जो आंदोलन के दौरान सक्रिय नहीं थे।
महिलाओं ने मांग की कि वास्तविक आंदोलनकारियों को चिन्हित कर उनका अधिकार दिया जाए और गलत तरीके से लाभ लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस दौरान झबरी देवी, निर्मला रावत, कांति देवी, पप्पू नेगी, मंजू रावत, रागी नेगी, गुड्डी देवी, कपोतरी रमोला, गयेली देवी, देवेश्वरी नेगी, बसंती देवी और सुलोचना देवी समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं।
