नव निर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद विराजमान हुए बाबा केदारनाथ

 

उत्तरकाशी: जौनसार क्षेत्र के चकराता विकासखंड का भटाड़़ गांव में बाबा केदार का नव निर्मित मंदिर की वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ प्राण-प्रतिष्ठा के बाद बाबा केदारनाथ विराजमान हो गये है।

ग्रामीणों ने बाबा केदार की डोली को केदारनाथ और बद्रीनाथ तीर्थ धाम यात्रा पर निकले हैं । आठ जून को तीर्थ धाम से वापस लौटें और सोमवार को को हवन यज्ञ और विशाल भंडारा के साथ नव निर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हो गई है । सोमवार को बाबा केदारनाथ के नव निर्मित मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी जनजातीय क्षेत्र जौनसार, जोनपुर ,रवांई समेत विकास नगर, देहरादून से श्रद्धालु  हजारों की संख्या में में पहुंचे ।

मंदिर समिति के अध्यक्ष चंडी प्रसाद नौटियाल, स्याणा सुनील दत्त नौटियाल, गीता राम थपलियाल व सरदार दत्त नौटियाल ने बताया कि नवनिर्मित मंदिर में की प्राण-प्रतिष्ठा दो जून से शुरू हुई की गई थी। वहीं दो जून को केदारनाथ- बद्रीनाथ धामों के लिए प्रस्थान किया और आठ जून को वापस भटाड़ गांव पहुंचे। सोमवार को विशाल भंडारा व पूर्ण आहुति के साथ बाबा केदारनाथ अपने नये मंदिर में विराजमान हो गये है।

 

अपनी देव संस्कृति के लिए विश्व विख्यात देहरादून के जनजातीय क्षेत्र जौनसार- बावर के मंदिरों में लकड़ी पर की गई नक्काशी एक तरह से दुर्लभ ही है। यहां कई ऐसे मंदिर हैं जिनके बारे में बताया जाता है कि ये मध्य काल में बने हैं। उस समय काष्ठकुणी शैली में बने मंदिर आज भी कला का बेजोड़ नमूना पेश करते हैं। ये मंदिर काष्ठ यानी लकड़ी के बने हैं, जिन पर आकर्षक कलाकृतियां उकेरी गई हैं। रवांई और जौनसार के मंदिर क्षेत्र की संस्कृति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं, बल्कि स्थानीय कला, संगीत, और सामाजिक संरचनाओं को भी प्रभावित करते हैं।

इस मौके पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष / प्रशासक देहरादून मधु चौहान, राज्य मंत्री गीता राम गौड़,आचार्य विजय नंद कृष्ण महाराज, कुना गांव, नंदलाल भारतीय, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं पहुंचे थे।

 

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