उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जनपद में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। देर रात से जारी बारिश के बीच विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम और आसपास के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। पहाड़ों पर बर्फ के फाहे गिरने से प्राकृतिक नजारा मनमोहक हो उठा है, वहीं तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर भी बढ़ गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से पहाड़ियां सफेद चादर में ढकने लगी हैं। दूसरी ओर, निचले इलाकों में बारिश ने जनजीवन प्रभावित करने के साथ ही किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।

बर्फबारी से बढ़ी ठंड, धामों में मौसम पर नजर
गंगोत्री धाम में बर्फबारी शुरू होने के बाद आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम के बदले मिजाज से स्थानीय लोगों के साथ धाम पहुंचने वाले यात्रियों को भी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। बर्फ से ढकी चोटियां और धाम के आसपास का प्राकृतिक दृश्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
गंगोत्री धाम से राजेश सेमवाल रावल और स्वामी राघवेंद्रानंद जी महाराज मौसम में आए बदलाव और बर्फबारी के संबंध में जानकारी देंगे।
मौसम को लेकर प्रशासन अलर्ट, सीसीटीवी से निगरानी
बारिश और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) के माध्यम से मौसम और आपदा संबंधी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की ओर से तहसीलों से मौसम एवं आपदा संबंधी सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। वहीं, लाइव सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री धाम की स्थिति की निगरानी की जा रही है। संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र के मार्गदर्शन और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के समन्वय से आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय है। मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने, ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था करने और मौसम संबंधी सूचनाएं समय-समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाएं और जारी एडवाइजरी का पालन करें। धामों की ओर रवाना होने से पहले मौसम और मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बारिश और बर्फबारी के दौरान अनावश्यक जोखिम लेने से बचें तथा संबंधित विभागों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
तैयार फसलों पर बारिश की मार की आशंका
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से जहां सर्दी बढ़ रही है, वहीं लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इन दिनों जनपद के कई ग्रामीण क्षेत्रों में राजमा, चौलाई और सोयाबीन की फसलें तैयार हैं। ऐसे में बारिश जारी रहने पर फसलों की कटाई, सुखाने और सुरक्षित भंडारण में परेशानी हो सकती है।
किसानों को आशंका है कि यदि मौसम लंबे समय तक खराब रहा तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, बारिश से फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन अभी सामने नहीं आया है। किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि तैयार उपज को समय पर काटकर सुरक्षित रखा जा सके।
पहाड़ों पर सर्दी की दस्तक, मौसम साफ होने का इंतजार
उत्तरकाशी में मौसम के बदले मिजाज ने एक साथ कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से हिमालय की चोटियां सफेद चादर में ढकने लगी हैं, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश और गिरते तापमान से ठिठुरन बढ़ रही है। प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है, वहीं किसान अपनी तैयार फसलों को बचाने के लिए मौसम साफ होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति धामों की यात्रा और ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगी।
