रुद्रप्रयाग। धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्तिक स्वामी धाम को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। शनिवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कनकचौरी से कार्तिक स्वामी मंदिर तक पैदल पहुंचकर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पैदल मार्ग, मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कनकचौरी से मंदिर तक पूरे पैदल ट्रैक की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए पैदल मार्ग को व्यवस्थित और सुगम बनाया जाना जरूरी है। इसके लिए आवश्यक स्थानों पर रेलिंग, साइनेज और डस्टबिन लगाने के साथ ही जरूरत के अनुसार सीसी कार्य कराए जाने की संभावनाओं का भी आकलन किया गया।
रैन शेल्टर और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर
मंदिर परिसर में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, रैन शेल्टर, सौंदर्यीकरण सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर मंदिर समिति एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से चर्चा की।
डीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का चरणबद्ध तरीके से विकास किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे पैदल ट्रैक को व्यवस्थित एवं विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। जनपद स्तर पर होने वाले कार्यों को संबंधित विभागों के माध्यम से प्राथमिकता पर पूरा कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत धार्मिक स्थलों का निरीक्षण
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व वाले स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मौके पर ही आवश्यकताओं और समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना है।
उन्होंने बताया कि कार्तिक स्वामी क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान डस्टबिन, पर्याप्त पेयजल और रैन शेल्टर की आवश्यकता प्रमुखता से सामने आई है। इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा।
निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने कार्तिक स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना कर जनपदवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी भी ली।
डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का संबंधित विभागों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा।
