हरिद्वार। एसआर मेडिसिटी से संबद्ध मां गंगा ब्लड सेंटर इन दिनों लाइसेंस और नियामकीय प्रक्रिया को लेकर चर्चा में है। हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह के अनुसार, मां गंगा ब्लड सेंटर पहले एसआर मेडिसिटी से संबद्ध था, लेकिन अब अस्पताल दूसरी जगह संचालित हो गया है। ऐसे में अस्पताल से संबद्धता समाप्त होने के कारण ब्लड बैंक को बंद कराया गया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार ब्लड सेंटर की डायरेक्टर डॉ. रमनदीप कौर सिद्धू हैं। ब्लड बैंक का पूर्व लाइसेंस 23 नवंबर 2020 से 22 नवंबर 2025 तक प्रभावी था। इसके बाद प्रबंधन की ओर से लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया था और विभागीय निरीक्षण भी हुआ।
प्रबंधन का कहना है कि निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर कर दिया गया था। इसके बाद चैरिटेबल ब्लड बैंक के लाइसेंस के लिए भी आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई। प्रबंधन ने यह भी दावा किया कि 17 जून 2026 को हुई निरीक्षण प्रक्रिया में ऐसी कोई गंभीर कमी नहीं मिली थी, जिसके आधार पर लाइसेंस निरस्त किया जा सके।
इसके बाद 18 अगस्त को पुनः विभागीय निरीक्षण हुआ। 20 अगस्त को FDA विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया कि ब्लड बैंक को बंद क्यों न किया जाए। सक्षम अधिकारी के निर्देश पर ब्लड बैंक की गतिविधियां अस्थायी रूप से रोक दी गईं तथा वहां संग्रहित रक्त एवं रक्त घटकों को जिला अस्पताल में जमा कराया गया।
प्रबंधन ने चैरिटेबल ब्लड बैंक के लाइसेंस के लिए पुनः आवेदन करने की बात कही है। वहीं, कुछ शिकायतकर्ताओं ने इस आवेदन पर भी आपत्ति जताई है। अब विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
