टिहरी। जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मान सिंह रौतेला ने कड़े मुकाबले में भाजपा उम्मीदवार हुकुम सिंह को 11 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। कुल 45 मतों में से 26 मत कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में पड़े, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 15 मत मिले और 4 मत अमान्य घोषित किए गए। इस जीत के साथ ही कांग्रेस ने जिला पंचायत में अपनी राजनीतिक उपस्थिति को मजबूत किया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पहले भाजपा ने सोना सजवाण को अधिकृत प्रत्याशी के रूप में घोषित किया था। हालांकि, बाद में पार्टी ने अचानक अपना निर्णय बदलते हुए सोना सजवाण का नाम प्रत्याशी सूची से हटा दिया और इशिता सजवाण को नया प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस निर्णय के बाद सोना सजवाण ने नामांकन वापिस ले लिया, जिससे इशिता सजवाण का निर्विरोध निर्वाचित होना तय हो गया। इसके साथ ही भाजपा ने अध्यक्ष पद पर अपनी स्थिति को पुख्ता कर लिया।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जिला पंचायत में कांग्रेस के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों पर पूर्ण बहुमत था किन्तु भाजपा ने राजनितिक चालबाजी कर अपने उम्मदीवार सोना सजवाण को चुनाव मैदान से हटाकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की किन्तु जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस की जीत यह स्पष्ट करती है कि भाजपा के पास मात्र उतने ही सदस्यों का समर्थन था जितना की उनके उपाध्यक्ष के प्रत्याशी को मत मिले।
लेकिन उपाध्यक्ष पद के चुनाव में स्थिति पूरी तरह अलग रही। कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। सुबह से ही दोनों दलों के समर्थकों में उत्साह और जोश देखने को मिल रहा था। मतगणना के दौरान हर राउंड में परिणामों को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल बनी रही। अंततः जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत एवं जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने परिणाम की घोषणा की, जिसमें मान सिंह रौतेला को विजयी घोषित किया गया। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराने में सहयोग देने के लिए सभी मतदाताओं, प्रत्याशियों और अधिकारियों का धन्यवाद भी किया।
मतगणना स्थल पर कांग्रेस और भाजपा दोनों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ मौजूद रही। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार, पुष्पेंद्र चौहान, भगवत पाटनी, समेत विभिन्न दलों के पदाधिकारी और समर्थक उपस्थित थे। परिणाम आने के बाद कांग्रेस समर्थकों ने नारेबाजी और मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया, वहीं भाजपा खेमे में मायूसी छा गई। यह मुकाबला न केवल उपाध्यक्ष पद के लिए, बल्कि आने वाले समय में जिला पंचायत की राजनीतिक दिशा तय करने वाला भी माना जा रहा है।
