थौलधार ब्लॉक की बीडीसी बैठक में ग्राम प्रधानों ने रखी क्षेत्र समस्याएं

उत्तराखंड। थौलधार ब्लॉक मुख्यालय कंडीसौड़ में क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठक का आयोजन ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में नवनिर्वाचित बीडीसी सदस्यों और ग्राम प्रधानों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं को सदन में उठाते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, पशुपालन और सहकारिता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान प्रधान गैर नगुण प्रकाश बनाली ने कहा कि क्षेत्र के कई पशु सेवा केंद्रों पर लंबे समय से पद रिक्त पड़े हैं, जिससे पशुपालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी छाम ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के बावजूद उपलब्ध स्टाफ द्वारा सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रधान बेल सिंह चौहान ने सहकारी समिति लालूरी द्वारा किसानों को दिए गए ऋण पर चार माह के भीतर ब्याज वसूले जाने का विरोध जताया। इस पर सहकारिता विभाग के अपर सहायक चंद्रमणी रमोला ने कहा कि संबंधित कर्मचारियों से मामले की जानकारी ली जाएगी, क्योंकि नियमों के अनुसार ऋण पर ब्याज केवल एक वर्ष बाद ही लिया जाना चाहिए।

बेरगणी के प्रधान युद्धवीर सिंह रावत ने सरकार से घस्यारी योजना के अंतर्गत पहाड़ों में चारा एकत्र करने जाने वाली महिलाओं का बीमा करने की मांग रखी। वहीं कंडीसौड़ के प्रधान सुमन सिंह गुसाईं ने सहकारिता विभाग द्वारा पशुओं के लिए वितरित किए जा रहे चारे की निम्न गुणवत्ता पर नाराजगी व्यक्त की।

रामगांव के प्रधान महेंद्र नेगी ने एएनएम केंद्र के अधिकांश समय बंद रहने की शिकायत की, जबकि कैन्छू के प्रधान भगवान सिंह महर ने कमान्द अस्पताल को उच्चीकृत करने की मांग रखी। जिपंस सुनील जुयाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छाम में महीने में कम से कम दो दिन अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।

समाज कल्याण योजनाओं पर चर्चा के दौरान जिपंस राजेंद्र सिंह रांगड़ ने प्रस्ताव रखा कि दिव्यांग, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों के बच्चों के बालिग हो जाने के बाद भी उनकी पेंशन जारी रखी जाए। इस पर सहायक समाज कल्याण अधिकारी आंचल बेदवाल ने बताया कि इस संबंध में शासनादेश जारी हो चुका है और पात्र लाभार्थियों को पेंशन मिलती रहेगी।

धरवालगांव के प्रधान सुमेरी बिष्ट ने टिहरी झील प्रभावित गांवोंकृस्यांसू, सुनारगांव, धरवालगांव और जसपुरकृके पुनर्वास संबंधी समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि इन गांवों की अधिकांश कृषि भूमि पहले टिहरी बांध, फिर चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना और अब प्रस्तावित रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहित की जा रही है, जिससे प्रभावित परिवारों को विस्थापन की समस्या झेलनी पड़ रही है। उन्होंने पुनः सर्वे कर पात्र परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। इस पर नायब तहसीलदार धर्मवीर प्रकाश ने बताया कि रेलवे परियोजना के सर्वे को लेकर वर्तमान में कोई प्रक्रिया गतिमान नहीं है, लेकिन जैसे ही प्रक्रिया शुरू होगी, पुनर्वास नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।

दडमाली के प्रधान सब्बल सिंह रावत ने अपने गांव कौडू बड़ा और कौडू छोटा में पंद्रह वर्ष पूर्व लगाए गए सिंगल फेज ट्रांसफार्मर को अपग्रेड करने की मांग रखी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *