देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में एशियन डेवलपमेंट बैंक और उत्तराखण्ड सरकार के निर्माण संबंधी विभागों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में एडीबी की सहायता से चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई तथा विभागों द्वारा प्रमुख परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रदेश में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में कम से कम एक मॉडल स्किल सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में युवाओं को प्रशिक्षण के साथ प्रमाणन और 100 प्रतिशत प्लेसमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को समग्र योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा पुल निर्माण और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के उपचार कार्यों के लिए एडीबी से वित्तपोषण हेतु प्रस्ताव भेजने को कहा। साथ ही टिहरी झील रिंग रोड परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर एडीबी से वित्तपोषित कराने की बात भी कही।
उन्होंने उद्यान विभाग की योजनाओं को भी एडीबी से जोड़ने का सुझाव दिया तथा JICA द्वारा वित्तपोषित जिलों को छोड़कर अन्य जिलों की परियोजनाओं के प्रस्ताव एडीबी को भेजने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त अर्बन मोबिलिटी, अर्बन प्लानिंग तथा ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड टाउनशिप विकास परियोजनाओं को भी एडीबी सहयोग में शामिल करने पर बल दिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपनी परियोजनाओं की प्राथमिकताएं तय कर चरणबद्ध तरीके से प्रस्ताव एडीबी को भेजने के निर्देश दिए, ताकि राज्य में विकास कार्यों को गति मिल सके।
बैठक में एडीबी की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका ने राज्य में चल रही परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि विभागों से नए प्रस्ताव शीघ्र प्राप्त होने पर उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा।
