देहरादून।
ऊर्जा भवन स्थित उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) मुख्यालय में प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में भारत-चीन सीमा से सटे सीमांत क्षेत्रों में संचालित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 43 बॉर्डर आउट पोस्ट (BoP) तथा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) के अंतर्गत चिन्हित 08 सीमावर्ती गांवों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में निगम मुख्यालय के वरिष्ठ अभियंता, संबंधित वितरण जोन/मंडल/खंड के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, परियोजना अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं/ठेकेदार एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान जनपद पिथौरागढ़ जिला, चमोली जिला एवं उत्तरकाशी जिला में 882 घरों तक विद्युत आपूर्ति पहुंचाने की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया गया। परियोजना अंतर्गत लाइन विस्तार, लाइन रूट निर्धारण, पोल एरेक्शन, कंडक्टर स्ट्रिंगिंग, वितरण ट्रांसफॉर्मर स्थापना, एलटी नेटवर्क निर्माण, अर्थिंग एवं सुरक्षा प्रावधानों की स्थिति पर तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया गया।
प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए कि कार्यों को चरणबद्ध कार्ययोजना के अनुरूप तेजी से पूर्ण किया जाए, ताकि आगामी दीपावली तक संबंधित आईटीबीपी चौकियों एवं चयनित गांवों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में विद्युत सुविधा राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्थानीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास की आधारशिला है।
बैठक में दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित परिवहन संसाधनों और प्रतिकूल मौसम जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। गुणवत्ता नियंत्रण के तहत भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) मानकों के अनुरूप सामग्री उपयोग, स्वीकृत तकनीकी डिजाइनों का अनुपालन, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
यूपीसीएल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में सीमांत क्षेत्रों में विद्युत अवसंरचना निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाएगा और “अंतिम छोर तक विकास” की अवधारणा को साकार किया जाएगा।
