टिहरी। प्रतापनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चौण्ड में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने और संसाधनों की कमी को दूर करने की मांग को लेकर चल रहा धरना सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। स्थानीय लोगों और उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) कार्यकर्ताओं ने मिलकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी जताई। धरना स्थल पर लोगों ने कहा कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों को गंभीर परिस्थितियों में भी उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
यूकेडी जिलाध्यक्ष रामदेव कलूड़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सीएचसी के चिकित्सक डॉ. सुभाष के माध्यम से मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) टिहरी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में आंदोलनकारियों ने प्रतापनगर क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सक, एक्स-रे तकनीशियन, आपातकालीन संसाधन, और एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग रखी। साथ ही डोबरा में प्रस्तावित अस्पताल का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने पर भी जोर दिया।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों से उपेक्षित इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है, जिससे जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
