टिहरी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सरस्वती शिशु मंदिर, थत्यूड़ के सभागार में आरंभ हुआ। यह प्रशिक्षण बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण विभाग, जौनपुर तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 6 से 8 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।
पोषण भी, पढ़ाई भी कार्यक्रम से बच्चों के समग्र विकास की दिशा में सशक्त कदम
बाल विकास परियोजना अधिकारी डॉ. रोशनी सती ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने कहा कि बाल वाटिका बच्चों के लिए खेल आधारित, गतिविधि केंद्रित और सीखने के अनुकूल वातावरण तैयार करती है, जिससे वे आगामी कक्षा एक के लिए आत्मविश्वासपूर्वक तैयार हो सकें।
जौनपुर विकासखंड की 100 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां इस प्रशिक्षण में भाग ले रही हैं। प्रशिक्षण में उन्हें यह भी सिखाया जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के समग्र विकास और स्वास्थ्य पोषण के अनुकूल कैसे बनाया जाए। साथ ही, पोषण ट्रैकर की विस्तृत जानकारी पावर पॉइंट प्रस्तुति और प्रयोगात्मक सत्रों के माध्यम से दी गई।
डॉ. सती ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से आह्वान किया कि वे बच्चों के प्रारंभिक वर्षों में पोषण और शिक्षा दोनों के संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि जीरो से छह वर्ष की आयु बच्चे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास की सबसे संवेदनशील अवस्था होती है।
प्रशिक्षण के दौरान अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की प्रशिक्षक मंजू रावत एवं मुनाजिर हुसैन ने बताया कि तीन दिवसीय इस कार्यशाला में शारीरिक, संज्ञानात्मक, रचनात्मक, सौंदर्य बोध, भाषाई, सामाजिक और भावनात्मक विकास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
