टिहरी। जनपद में गणतंत्र दिवस 2026 का राष्ट्रीय पर्व पूरी भव्यता और गरिमा के साथ मनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इस राष्ट्रीय महापर्व के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला सभागार नई टिहरी में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीडीओ ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में देशभक्ति की भावना और अनुशासन का अनूठा संगम दिखना चाहिए। उन्होंने तय किया कि उत्सव की शुरुआत 25 जनवरी की शाम से ही हो जाएगी। 25 और 26 जनवरी को शाम 6.00 बजे से रात्रि 11.00 बजे तक जिले के समस्त शासकीय कार्यालय और भवन रंग-बिरंगी रोशनी से प्रकाशमान किए जाएंगे, जिससे पूरा शहर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा।
मुख्य समारोह और ध्वजारोहण के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 जनवरी को प्रातः 9रू30 बजे जिले के सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में विभागाध्यक्षों द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके पश्चात मुख्य आकर्षण का केंद्र प्रताप इंटर कॉलेज बौराड़ी का मैदान होगा, जहां सुबह 11रू30 बजे सामूहिक ध्वजारोहण के साथ जनपद स्तरीय मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए निर्देश दिए कि “स्वच्छ भारत अभियान” के तहत गणतंत्र दिवस से पूर्व सभी कार्यालयों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। समारोह में आकर्षण का केंद्र रहने वाली विभागीय झांकियों के चयन और प्रदर्शन की सूची 23 जनवरी तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को लेकर भी रूपरेखा तैयार की गई। सूचना विभाग और नगरपालिका परिषद नई टिहरी को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूर्व की भांति जिला मुख्यालय के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से देशभक्ति गीतों का प्रसारण करें, ताकि वातावरण राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत हो सके। युवा कल्याण एवं खेल विभाग को 25 जनवरी को बैडमिंटन ओपन प्रतियोगिता आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, शिक्षा विभाग को स्कूली छात्र-छात्राओं के माध्यम से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार करने को कहा गया है। प्रशासन ने एक संवेदनशील पहल करते हुए सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निवासरत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के घर जाकर उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करें, जो शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
