नई टिहरी। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत टिहरी गढ़वाल में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में आयोजित बैठक में जांच प्रक्रिया और आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी एफएलसी से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।

23 अक्टूबर से 8 नवंबर तक होगी जांच
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के अनुसार जनपद में उपलब्ध सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच 23 अक्टूबर से 8 नवंबर तक ईवीएम वेयरहाउस में की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के इंजीनियर मशीनों की तकनीकी जांच करेंगे।
उन्होंने बताया कि जांच का कार्य प्रतिदिन संचालित होगा। इस दौरान सभी बैलेट यूनिट (बीयू), कंट्रोल यूनिट (सीयू) और वीवीपैट मशीनों का शत-प्रतिशत परीक्षण किया जाएगा, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया से पहले मशीनों की कार्यक्षमता सुनिश्चित की जा सके।
पंजीकृत प्रतिनिधियों को ही मिलेगा प्रवेश
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया गया कि एफएलसी कक्ष में केवल पूर्व में पंजीकृत और पहचान पत्र जारी किए गए प्रतिनिधियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। पहचान पत्र बनवाने के लिए संबंधित प्रतिनिधियों को अपने दो फोटोग्राफ उपलब्ध कराकर आवेदन करना होगा। एफएलसी के दौरान प्रतिदिन उपस्थिति भी दर्ज की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से पूरी प्रक्रिया की वेबकास्टिंग की जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एफएलसी कक्ष में मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। इन उपकरणों को जमा करने के लिए प्रवेश स्थल के बाहर क्लॉक रूम बनाया जाएगा।
सुरक्षा से लेकर पेयजल तक की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को एफएलसी के दौरान सुरक्षा, चिकित्सा, साफ-सफाई, पेयजल, जलपान और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के साथ डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी), हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) और अग्निशमन वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने और जांच के दौरान निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

जांच में सफल मशीनों पर लगेगा ग्रीन स्टिकर
एफएलसी के दौरान तकनीकी जांच में सफल पाई जाने वाली मशीनों पर ग्रीन स्टिकर लगाया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर कराए जाएंगे और पिंक पेपर सील लगाई जाएगी।
वहीं, जांच में विफल रहने वाली मशीनों को सात दिन के भीतर संबंधित कारखाने भेजा जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सावधानी के साथ संपन्न कराई जाए। साथ ही, एफएलसी की दैनिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी रहे मौजूद
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, सहायक निर्वाचन अधिकारी विजय तिवारी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग विशाल चौहान, जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल, पुलिस इंस्पेक्टर अशोक खुगशाल और सहायक अभियंता सूर्य प्रकाश उपस्थित रहे।
इसके अलावा भाजपा प्रतिनिधि जयेंद्र पंवार, कांग्रेस प्रतिनिधि आनंद बेलवाल एवं ज्योति प्रसाद भट्ट तथा सीपीएम प्रतिनिधि सफर सिंह नेगी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी बैठक में शामिल हुए।
जिला प्रशासन के अनुसार, विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच निर्धारित समयसीमा में पूरी कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
