विकासनगर। लखवाड़-व्यासी जलविद्युत परियोजना में संविदा श्रमिकों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार पर मनमानी करने तथा उनकी जायज मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
श्रमिकों का कहना है कि वे पहले भी अपनी समस्याओं को कई बार उठा चुके हैं और मामला वर्तमान में श्रम न्यायालय (लेबर कोर्ट) में भी विचाराधीन है।
जानकारी के अनुसार, विकासनगर क्षेत्र के परियोजना से सटे पाली गांव में संविदा श्रमिक पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। संविदा श्रमिक संघ उत्तराखंड के बैनर तले चल रहे इस धरने में श्रमिकों ने आरोप लगाया कि अधिकारों की आवाज उठाने पर उन्हें काम से बाहर निकाल दिया जाता है।
श्रमिकों की प्रमुख मांगों में समय पर वेतन भुगतान, टनल में कार्य करने वाले कर्मचारियों को विशेष भत्ता, कार्यस्थल पर शौचालय की व्यवस्था तथा बिना कारण छंटनी पर रोक लगाना शामिल है।
धरनारत श्रमिकों ने साफ कहा कि जब तक ठेकेदार और कंपनी उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इसके अलावा श्रमिकों ने मांग की है कि टनल में काम करने वाले कर्मचारियों को टनल अलाउंस दिया जाए और केंद्र सरकार के श्रमिकों के समान वेतनमान लागू किया जाए। साथ ही वार्षिक 16 दिन का स्थानीय अवकाश, राष्ट्रीय अवकाश तथा होली, दिवाली और दशहरा जैसे त्योहारों पर छुट्टी देने की भी मांग उठाई गई है।
