जनता दरबार में बिजली पानी और क्षतिग्रस्त पुस्तों की समस्याओं पर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के कड़े निर्देश

नई टिहरी। जिला मुख्यालय स्थित सभागार में सोमवार को आयोजित जनता दरबार में फरियादियों का जमावड़ा लगा रहा। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं और शिकायतों को बेहद गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान पुनर्वास, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, राजस्व और विद्युत विभाग सहित विभिन्न महकमों से संबंधित 56 से अधिक आवेदन पत्र दर्ज किए गए। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर और तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

 

जनता दरबार के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन और जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि जो शिकायतें पोर्टल पर लंबित हैं, उनका तत्काल निस्तारण किया जाए और जिन शिकायतों का समाधान हो चुका है, उन्हें पोर्टल पर अपडेट कर बंद किया जाए। इस समीक्षा के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि डिजिटल माध्यमों से आने वाली शिकायतों पर भी उतनी ही गंभीरता दिखाई जाएगी जितनी कि प्रत्यक्ष सुनवाई में।

 

जनसुनवाई में व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर भी कई लोग पहुंचे। विकासखंड जाखणीधार के ग्राम गेंवली (देवल) निवासी धनीराम सेमवाल ने अपने आवास के ऊपर से गुजर रहे विद्युत तारों से होने वाले खतरे का हवाला देते हुए तार हटाने और पोल शिफ्ट करने की गुहार लगाई, जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, विकासखंड देवप्रयाग के ग्राम चाका पिछवाड़ा निवासी विनिता देवी ने स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अपने पॉली हाउस के लिए सिंचाई के पानी की मांग रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि पास ही स्थित एक अनुपयोगी जल स्रोत पर टैंक बनाकर सिंचाई की व्यवस्था की जा सकती है, जिस पर जिला उद्यान अधिकारी को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया।

 

आपदा और निर्माण कार्यों से जुड़ी शिकायतों का भी अंबार लगा रहा। तहसील गजा के ग्राम विरोगी निवासी दौलत राम कोठारी ने बताया कि ओबरी-विरोगी मोटर मार्ग पर स्थित उनके मकान का पुस्ता, जिसे लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर ने बनाया था, पिछली बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे अब उनके मकान को खतरा पैदा हो गया है। इस पर जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन अधिकारी को स्थिति का जायजा लेकर कार्रवाई करने को कहा। इसी तरह थान बेमर नकोट की फूलन देवी ने बरसात में क्षतिग्रस्त हुए अपने मकान के मुआवजे और मरम्मत के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर नायब तहसीलदार को जांच कर आख्या रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए।

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