रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम इन दिनों जोरों पर है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर छोटी लिनचोली से बड़ी लिनचोली के कुबरे और हथनी गदेरा में पसरे हिमखंडों को काटकर रास्ता बनाने के लिए मजदूर जद्दोजहद कर रहे हैं। यहां 10 से 15 फुट लंबे और 6 फुट तक ऊंचे हिमखंड काटने में एक सप्ताह से अधिक समय लग सकता है।
रास्ता दुरुस्त होते ही घोड़े-खच्चरों से केदारनाथ तक जरूरी सामग्री की सप्लाई की जाएगी। घोड़े-खच्चर व पैदल आवाजाही में कोई दिक्कत न हो इसलिए चार फुट चौड़ाई में बर्फ काटी जा रही है। केदारनाथ धाम से लेकर लिनचोली तक पैदल मार्ग बर्फ से ढंका हुआ है। जिला आपदा प्राधिकरण कई स्थानों पर ग्लेशियर काटकर पैदल मार्ग बनाने में जुटा हुआ है।
आगामी 25 अप्रैल से शुरू हो रही केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए केदारनाथ धाम में आवश्यक सामग्री को जुटाने के लिए सबसे पहले केदारनाथ पैदल मार्ग से बर्फ को काटकर रास्ता तैयार किया जा रहा है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार यात्रा से संबंधित अधिकारियों को समय से यात्रा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने करीब 25 मजदूरों को बर्फ को साफ करने में लगा रखे है। बर्फ साफ कर लेने के बाद जहां-जहां मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है, वहां भी मार्ग को दुरुस्त किया जाएगा।रास्ता दुरुस्त होते ही घोड़े-खच्चरों से केदारनाथ तक जरूरी सामग्री की सप्लाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि डीडीएमए से बर्फ सफाई के कार्य की प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है। पैदल मार्ग से बर्फ हटाने के अलावा सुलभ इंटरनेशल ने सोनप्रयाग और गौरीकुंड में शौचालयों का निर्माण शुरू कर दिया है।अलग-अलग स्थानों पर कुल 60 शौचालय बनाए जा रहे हैं।
