Rudraprayag: नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर कथित टिप्पणी से आक्रोश, TUCC ने PM को भेजा ज्ञापन

TUCC submits memorandum to PM in Rudraprayag over Netaji Subhash Chandra Bose remarks

 

रुद्रप्रयाग में TUCC ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर भाजपा सांसदों की कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की

 

रुद्रप्रयाग। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के संबंध में भाजपा पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य तथा राज्यसभा सांसद अनंत महाराज (नागेंद्र राय) द्वारा की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC) ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।

संगठन ने दोनों नेताओं के बयानों पर आपत्ति जताते हुए उचित कार्रवाई किए जाने तथा नेताजी के सम्मान और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की गरिमा बनाए रखने की मांग की।

भाजपा सांसदों के बयान पर आपत्ति

ज्ञापन में टीयूसीसी पदाधिकारियों ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल हैं। संगठन का आरोप है कि समिक भट्टाचार्य ने फॉरवर्ड ब्लॉक समर्थकों द्वारा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संबंध में कथित घटना का उल्लेख किया, जबकि इसके बाद अनंत महाराज ने नेताजी के संबंध में व्यक्तिगत एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। ज्ञापन में कहा गया कि इस प्रकार के बयानों से नेताजी के अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं।

TUCC submits memorandum to PM in Rudraprayag over Netaji Subhash Chandra Bose remarks

 

पीएम से कार्रवाई की मांग

टीयूसीसी ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई शुरू की जाए, ताकि नेताजी के गौरवशाली इतिहास और आजाद हिंद सरकार तथा भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) की भूमिका की गरिमा प्रभावित न हो।

नेताजी से जुड़े कार्यों का उल्लेख

ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में नेताजी से जुड़े गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने, अंडमान-निकोबार में नेताजी के नाम पर द्वीप का नामकरण एवं वहां तिरंगा फहराए जाने, आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर नेताजी को उसका प्रथम प्रधानमंत्री स्वीकार किए जाने तथा इंडिया गेट पर नेताजी की प्रतिमा स्थापित किए जाने जैसे कदमों का भी उल्लेख किया गया।

TUCC submits memorandum to PM in Rudraprayag over Netaji Subhash Chandra Bose remarks

रेंकोजी मंदिर की अस्थियों पर सवाल

इसके साथ ही टीयूसीसी ने जापान के रेंकोजी मंदिर में रखी अस्थियों की प्रामाणिकता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई। संगठन ने कहा कि न्यायमूर्ति मनोज कुमार मुखर्जी आयोग ने विमान दुर्घटना के सिद्धांत को स्वीकार नहीं किया था। ऐसे में नेताजी के 18 अगस्त 1945 के बाद लापता होने से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए आयोग की जांच को पुनर्जीवित अथवा पूर्ण किए जाने की आवश्यकता है।

ज्ञापन में प्रधानमंत्री से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने तथा नेताजी के लापता होने से जुड़े रहस्य का स्थायी समाधान किए जाने की मांग की गई। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी टीयूसीसी सदस्य राकेश मोहन, संजय पांडेय सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

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