गौचर/चमोली। आजादी के 75 साल बाद भी जनपद चमोली में कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र का सकंड गांव आज भी यातायात सुविधा से बंचित है। जिस कारण गांव से लोगों का पलायन हो रहा है। लेकिन अभी तक कोई भी सरकार कर्णप्रयाग विकासखंड के इस सुदूरवर्ती गांव सकंड को सड़क सुविधा से नहीं जोड़ पायी है। जिस वजह से गांववासी सात किलोमीटर की पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। और इसी वजह से अपने गांव से पलायन कर रहे हैं।
यातायात सुविधा न होने से गम्भीर रोगियों के साथ ही गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिऐ अस्पताल पहुंचाना गांववासियों के लिऐ भारी समस्या बनी हुई है। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता दिगम्बर बिष्ट बताते हैं कि सड़क सुविधा की मांग करते हुये गांववासी थक चुके हैं। आजादी के 75 साल में कई सरकारें आईं और गईं लेकिन किसी ने भी सकंड गांव की सुध लेना जरूरी नहीं समझा। बताते हैं कि सड़क सुविधा के अभाव में कई बीमार लोग रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिऐ अस्पताल पहुंचाना हमारे लिऐ बहुत ही कठ्ठिन कार्य हो रखा है। उन्होंने कहा कि सड़क सुविधा की मांग को लेकर जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार को भी कई बार ग्रामवासी पत्र प्रेषित कर चुके हैं। लेकिन ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग आज तक मंजूर नहीं हो सकी है।
सामाजिक कार्यकर्ता दिगम्बर बिष्ट ने कहा कि सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास वाली डबल इंजन की सरकार और हमारे क्षेत्र से ही अनिल नौटियाल जी भाजपा से तीन बार के विधायक हो गये हैं। उनसे भी गांववासी सड़क सुविधा की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक सड़क सुविधा के बारे में कोई भी कार्यवाही होती नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस बार अवश्य ही विधायक अनिल नौटियाल जी गांववासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करेंगे।
