उत्तरकाशी : उत्तरकाशी जनफके अस्सी गंगा घाटी मोहन रावत पर्वतारोही ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करने बाद जिला मुख्यालय में जोरदार स्वागत किया गया है। बुधवार को पर्वतारोही उत्तरकाशी जिला मुख्यालय पहुंचे तो क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता ने उनका ढोल नगाड़े के साथ जोरदार स्वागत कर जिला सभागार में उनके समान में एक समारोह का आयोजन किया।
इस दौरान वक्ताओं ने बताया कि ऐतिहासिक माउंट एवरेस्ट पर जनपद के सीमांत क्षेत्र अस्सी गंगा घाटी अगोड़ा निवासी युवा समर्पित वरिष्ठ प्रशिक्षक मोहन रावत ने 18 मई, को सुबह 5:20 बजे (नेपाल समय) माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर)पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। उन्होंने बताया कि टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के सौजन्य से यह उपलब्धि टीएसएएफ के लिए एक और मील का पत्थर है। बता दें 1984 में बरसाली नाकुरी गांव की सुश्री बछेंद्री पाल की ऐतिहासिक चढ़ाई के बाद से अब तक 13 सफल एवरेस्ट पर्वतारोहियों का समर्थन और प्रशिक्षण किया है।
उत्तरकाशी के एक छोटे से गांव से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक का उनका सफर उस साहस, अनुशासन और साहस की भावना को दर्शाता है जिसे हम बढ़ावा देना चाहते हैं। यह इस बात की एक शक्तिशाली याद दिलाता है कि दृढ़ता और उद्देश्य के साथ क्या हासिल किया जा सकता है। उत्तरकाशी के अगोरा गांव से आने वाले मोहन एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने राफ्टिंग गाइड के रूप में काम किया है और अपना खुद का व्यवसाय चलाते थे। इसस पूर्व मोहन सिंह रावत ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि एक सच्ची लगन मेहनत करने वाले को सफलता अवश्य मिलती है है।
इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमल सिंह, अगोड़ा प्रधान मुकेश पंवार , अनवीर पंवार ,बलदेव राणा ,देवेंद्र रावत ममता रावत,रणबीर रावत प्रथम सिंह रावत, आदि ने गर्म जोशो के साथ स्वागत किया है ।
