मां नंदा की उत्सव डोली सिद्धपीठ देवराड़ा से सिद्धपीठ कुरूड़ आयेगी।

 

गौचर/चमोली।

छः माह तक मां नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा ( थराली ) में बिराजमान होने के बाद 29 दिसंबर को बधाण की मां राजराजेश्वरी नंदा भगवती का उत्सव डोली नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ ( नन्दा नगर ) के लिऐ प्रस्थान करेगी।

नंदा भगवती का डोला 10 जनवरी 2023 को सिद्धपीठ कुरूड़ के गर्भगृह में अगले छः माह के लिऐ बिराजमान हो जायेगी।

पंचांग गणना के बाद नंदा देवी राजराजेश्वरी मंदिर कमेटी कुरूड़ के अध्यक्ष नरेश गौड़ एवं देवराड़ा मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन हटवाल ने कार्यक्रम जारी किया है। 29 दिसंबर को नंदा देवी की उत्सव डोली देवराड़ा मंदिर के गर्भगृह से निकलकर दक्षिण काली मंदिर तुंगेश्वर जायेगी जहां पर तीन दिनों तक चौंसठ के आयोजन के तहत डोली काली मंदिर में बिराजमान रहेगी। 31 अनुष्ठान के बाद डोली तुंगेश्वर से अपने दूसरे पड़ाव सिने गांव होते हुये भेटा गांव में रात्रि विश्राम के लिए पहुंचेगी। 1 जनवरी को देवी का डोला भेटा से राइकोली होते हुये चौण्डा गांव, दो को चौण्डा से काखड़ा होते हुये सोनला, तीन को सोनला से देवलग्वाड़ होते हुये सुनाऊं, चार को सुनाऊं से पैनगढ़ होते हुये सिलोड़ी, पांच को सिलोड़ी से कोटा, छः को कोटा से चिड़गा तल्ला होते हुये आगतोली, सात को आगतोली से सेनार होते हुये सिमली, आठ को सिमली से नाखोली होते हुये सणकोट, नो को सणकोट से नन्दा नगर ब्लॉक के बांजबगड़ होते हुये सैंती, दस जनवरी को सैंती से नन्दानगर शिव मंदिर से होते हुये सिद्धपीठ कुरूड़ पहुंचेगी और उसी दिन नन्दा डोली सिद्धपीठ के गर्भगृह में बिराजमान हो जायेगी। यहीं से श्री नन्दा देवी लोकजात यात्रा 2023 शुरू होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *