केदारनाथ यात्रा:
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शुक्रवार तड़के करीब 4:30 बजे गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड, चीरबासा और भैरव मंदिर के आसपास भारी भूस्खलन हुआ। मार्ग पर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा आने से केदारनाथ यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने लगभग 100 से 150 श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग में रोक दिया, जबकि पैदल मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर मौजूद अन्य यात्रियों को भी सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया। भूस्खलन से कई स्थानों पर पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया और पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना रहा।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन और अन्य विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा मलबा हटाने और मार्ग को सुरक्षित बनाने का कार्य शुरू किया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, भूस्खलन की सूचना मिलते ही राहत दलों को तत्काल मौके पर भेजा गया। दोपहर बाद बारिश का असर कम होने और स्थिति का आकलन करने के बाद प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही शुरू कराई। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी जारी है और मशीनों की सहायता से मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने का कार्य चल रहा है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, अफवाहों से बचें, केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सुरक्षा एजेंसियों व पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
