देहरादून। जलागम सचिव दिलीप जावलकर ने विकास भवन सभागार में गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जिलों में संचालित जलागम परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और स्वीकृत परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में सचिव ने कहा कि जलागम विभाग की योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि वर्षा जल संरक्षण, पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, मृदा संरक्षण, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीणों की आजीविका को सशक्त बनाना है। उन्होंने चाल-खाल, चेकडैम, कंटूर ट्रेंच, सुरक्षा दीवार, सिंचाई गूल, नौले-धारों के पुनरुद्धार, पौधरोपण, चारागाह विकास और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

एक सप्ताह में तैयार होंगे जल स्रोतों के डीपीआर
बैठक में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए सचिव ने सभी जिलों को एक सप्ताह के भीतर नौले-धारों के पुनर्जीवन के लिए पांच-पांच विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट के स्थायी समाधान के लिए यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए।
स्वीकृत योजनाएं समय पर पूरी करने के निर्देश
सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, उन्हें हर हाल में समय पर पूरा किया जाए और आवंटित बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्रीय कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और नई परियोजनाओं के प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश भी दिए।
ईजीपीआरपी की धीमी प्रगति पर नाराजगी
उन्नत ग्राम पंचायत संसाधन नियोजन कार्यक्रम (ईजीपीआरपी) की समीक्षा के दौरान सचिव ने कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने अगले दो माह के भीतर स्वीकृत परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करने और ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए।
रिक्त पदों पर जल्द भेजे जाएंगे प्रस्ताव
बैठक में विभिन्न जिलों में रिक्त पदों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने निर्देश दिए कि रिक्त पदों के प्रस्ताव तत्काल निदेशालय को भेजे जाएं ताकि परियोजनाओं के संचालन में कोई बाधा न आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलागम परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जल्द ही दोबारा समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति का आकलन किया जाएगा।
