रुद्रप्रयाग: कालीमठ घाटी के जाल तल्ला गांव में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीणों ने एकजुट होकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह फैसला सामाजिक सरोकारों, युवाओं के भविष्य और गांव के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से लिया गया।
सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए कदम
ग्राम प्रधान प्रदीप राणा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि सार्वजनिक आयोजनों में शराब परोसने से सामाजिक वातावरण दूषित होता है। इससे आपसी सौहार्द और पारिवारिक मूल्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं पर इसके दुष्प्रभाव को देखते हुए इस पर रोक लगाना आवश्यक बताया गया।
उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार यदि कोई व्यक्ति या परिवार शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन या अन्य सामुदायिक कार्यक्रमों में शराब परोसता पाया जाता है, तो उस पर 21,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों ने इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का संकल्प भी लिया।
जन-जागरूकता रैली का आयोजन
बैठक के बाद गांव में जन-जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें पुलिस प्रशासन, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली के माध्यम से नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया और लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस प्रशासन ने की सराहना
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने में इस प्रकार के प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
संस्कृति और परंपरा को बचाने का संकल्प
रैली के दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि गांव की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। साथ ही भविष्य में भी ऐसे सामाजिक सुधार के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस अवसर पर गांव के जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल, युवा संगठन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रुद्रप्रयाग: कालीमठ घाटी के जाल तल्ला गांव में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीणों ने एकजुट होकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह फैसला सामाजिक सरोकारों, युवाओं के भविष्य और गांव के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से लिया गया।
सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए कदम
ग्राम प्रधान प्रदीप राणा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि सार्वजनिक आयोजनों में शराब परोसने से सामाजिक वातावरण दूषित होता है। इससे आपसी सौहार्द और पारिवारिक मूल्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं पर इसके दुष्प्रभाव को देखते हुए इस पर रोक लगाना आवश्यक बताया गया।
उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार यदि कोई व्यक्ति या परिवार शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन या अन्य सामुदायिक कार्यक्रमों में शराब परोसता पाया जाता है, तो उस पर 21,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों ने इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का संकल्प भी लिया।
जन-जागरूकता रैली का आयोजन
बैठक के बाद गांव में जन-जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें पुलिस प्रशासन, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली के माध्यम से नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया और लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस प्रशासन ने की सराहना
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने में इस प्रकार के प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
संस्कृति और परंपरा को बचाने का संकल्प
रैली के दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि गांव की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। साथ ही भविष्य में भी ऐसे सामाजिक सुधार के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस अवसर पर गांव के जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल, युवा संगठन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
