गौचर/चमोली। गैरसैंण के दूरस्थ कुमायूं सीमा से सटे नैल – खन्सर में आयोजित बहु उदेशिय शिविर में जिला अधिकारी हिमांशु खुराना ने अधीनस्थ अधिकारीयों को प्राथमिकता के आधार पर जन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बज़ट प्रावधान से संबंधित अथवा वे योजनाएं जो राज्य सरकार से अनुमोदन कि प्रत्याशा में लंबित हैं, उनके अनुमोदन व वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रयास किये जायेंगे, ताकि जनोपयोगी योजनाओं को त्वरित गति दी जा सके। शिविर में मौजूद अधिकारीयों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी प्रकार की हिला – हवाली बर्दास्त नहीं होंगी।
शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नैल -खंसर प्रांगण में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली व सड़क से संबंधित समस्याएँ प्रमुखता से रखी। जिला पंचायत सदस्य अवतार सिंह पुंडीर ने शिक्षा विभाग पर तंज कसते हुए कहा की गजब की ब्यवस्था है, 60 छात्र संख्या पर एकल अध्यापक की तैनाती है, ज़ब की 8 छात्रों पर 2 शिक्षक नियुक्त हैं, जिस ब्यवस्था को बदले जाने की जरूरत है। चौखुटिया -पालिङ्गवाड़ी मार्ग की बदहाली, कुसरानी -लामबगड, धारगट, तेवाखर्क सड़क निर्माण के साथ हीं चार दशक में भी बीएमबी मोटर मार्ग को बिनायक धार – कशबी नगर तक नहीं जोड़े जाने पर आश्चर्य जताया। क्षेत्र पंचायत सदस्य हरेंद्र कण्डारी ने शिविर के आयोजन पर प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि पूर्व शिविरों में सामने आई समस्याओं के समाधान कि दिशा में कार्यवाही नहीं किये जाने के karn आम जन उदासीनता नजर आ रहे हैं, तमाम कुर्सीयां खाली पड़ी हैं। उन्होंने गाजियाबाद -पथरकट्टा मोटर सड़क निर्माण, स्युणी तल्ली को पृथक विद्युत फीडर दिए जाने कि मांग कि। दिवाधार प्रधान संगीता देवी ने बैंक सखी तैनात किये जाने के साथ हीं कहा कि लम्बे समय से सड़क कि मांग कर रहे हैं लेकिन क़ोई सुनने वाला नहीं है। बैठक में जल जीवन मिशन कि असफलता, किसान सम्मान निधि दिए जाने, आयोजनों में देर रात तक डीजे बजाने को प्रतिबंधित करने, आंगनवाड़ी व ए एन एम केंद्र खोले जाने, सोलर लाइट लगाए जाने, घर घर नल योजना में धांधली आदि बिंदुओं को प्रमुखता से रखा गया। इस मोके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजीव शर्मा, मुख्य कोषाधिकारी महमूर जहां, उपजिलाधिकारी गैरसैण कमलेश मेहता, तहसीलदार सुरेन्द सिंग देव सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
