जाखणीधार की पहली बीडीसी बैठक में गूंजे विकास के मुद्दे, डीएम ने अधिकारियों को दिए फील्ड में उतरने के कड़े निर्देश

नई टिहरी। विकासखंड जाखणीधार के सभागार में गुरुवार को आयोजित क्षेत्र पंचायत की प्रथम बैठक (बीडीसी) में विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर जोरदार मंथन हुआ। क्षेत्र पंचायत प्रमुख राजेश नौटियाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय और जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की विशेष उपस्थिति रही। बैठक का माहौल उस समय गर्मा गया जब सदन में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं का पिटारा खोल दिया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का ब्यौरा तो दिया, लेकिन जमीनी हकीकत को लेकर उन्हें जनप्रतिनिधियों के तीखे सवालों का सामना भी करना पड़ा। जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि अधिकारी केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर उतरकर जनता की दिक्कतों को दूर करें।

 

सदन की कार्यवाही के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल सड़कों और लचर विद्युत व्यवस्था का मुद्दा छाया रहा। ग्राम प्रधान भटकण्डा मधुबाला ने टिपरी-चाह गडोलिया-काण्डीखाल मोटर मार्ग की अत्यंत जीर्ण-शीर्ण स्थिति और सिर पर मौत बनकर झूलते बिजली के जर्जर तारों का मामला प्रमुखता से उठाया। वहीं, ग्राम प्रधान मोल्ठा ने देवताधार-मोल्ठा मोटर मार्ग की दयनीय दशा बयां करते हुए बताया कि सड़क पर पानी बहने और मलबे के ढेर के कारण चलना दूभर हो गया है। उन्होंने तत्काल डामरीकरण की मांग की, जिस पर लोक निर्माण विभाग ने जल्द पैचवर्क कराने का आश्वासन दिया। पिपोला प्रधान ने अपनी ग्राम पंचायत में सड़क धंसने, पुश्ते टूटने और बंद नालियों की समस्या रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने लोनिवि को फटकार लगाते हुए त्वरित कार्यवाही के निर्देश जारी किए।

 

बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य पिपोला रगड़ा गोपाल सिंह ने कई गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने कोरी नामी तोक की सड़क को लोक निर्माण विभाग के हवाले करने की मांग की। साथ ही, कोटेश्वर झील में डूबे एक दर्जन से अधिक गांवों के पैतृक घाट के पुनर्निर्माण और संपर्क मार्ग की मांग को भी पुरजोर तरीके से रखा। उन्होंने मोकरी डंपिंग जोन से फैल रही गंदगी, सड़क पर आ रहे मलबे और कुम्माहर धार क्षेत्र में गहराए पेयजल संकट की ओर भी सदन का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा, मरोड़ा, कण्डियाल गांव, चाह गडोलिया और कस्तल जैसे क्षेत्रों में बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर की खराब स्थिति को लेकर भी सदस्यों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया।

 

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने सभी जनपदीय अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें। उन्होंने हिदायत दी कि अधिकारी वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर समय-समय पर क्षेत्र का दौरा करें ताकि आम जनमानस को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

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