देहरादून। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बुधवार को वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून श्री हरीश कुमार गोयल के निर्देशों पर सचिव श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने स्वाभिमान केन्द्र, गढ़ी कैंट में कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों, भरण-पोषण, संपत्ति की सुरक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जागरूक करना रहा। शिविर में प्राविधिक कार्यकर्ता उमेश्वर सिंह रावत सहित 55 वरिष्ठ नागरिकों ने प्रतिभाग किया।
मुख्य वक्ता सचिव श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने वरिष्ठ नागरिकों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में दी। उन्होंने भरण-पोषण के अधिकार, संपत्ति की सुरक्षा और उपलब्ध कानूनी उपायों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने बताया कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता दी जाती है। इसके लिए नालसा हेल्पलाइन नंबर *15100* पर संपर्क किया जा सकता है।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि नालसा (वरिष्ठ नागरिकों हेतु विधिक सेवा) योजना, 2016 को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए जिले के वृद्धाश्रमों का विवरण, वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों और पैनल अधिवक्ताओं व PLV की जानकारी संकलित की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान अजय कुमार बड़ौनी द्वारा वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम 2007 और उत्तराखंड सरकार की नियमावली 2011 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इसी दौरान प्राविधिक कार्यकर्ता उमेश्वर सिंह रावत द्वारा राजेंद्र नगर निवासी वरिष्ठ नागरिक श्रीमती कमल अरोड़ा की पुलिस से संबंधित समस्या का समाधान थाना अध्यक्ष कोतवाली कैंट से वार्ता कर मौके पर ही किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सचिव महोदया द्वारा सभी वरिष्ठ नागरिकों को वॉकर, स्टिक, कमर बेल्ट और फर्स्ट एड किट वितरित की गई।




