देहरादून । भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े फैसले तथा आपरेशन कालनेमि जैसी मुहिम का समर्थन करते हुए प्रदेश की दर्जनों स्वयं सेवी संस्थाओं ने भ्रष्टाचार मुक्त प्रादेशिक जागरण मंच के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सम्मान किया।
मुख्यमंत्री धामी ने इस मुहिम की शुरुआती सफलता का श्रेय जनता को देते हुए कहा कि, ये लड़ाई भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड बनाने तक जारी रहेगी। वहीं कालनेमियों को कठोर कार्रवाई से बचने के लिए अपने मूल स्वरूप में आने की चेतावनी दी। आम लोगों से भी किसी पर संदेह या ऐसी कोई जानकारी होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया।
राजधानी में कांवली रोड स्थित एक वेडिंग पॉइंट में इस सम्मान समारोह का आयोजन भ्रष्टाचार मुक्त प्रादेशिक जनजागरण मंच द्वारा किया गया। जिसमें 100 से भी अधिक स्वयंसेवी एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से एक प्रशंसा प्रपत्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा वहां उपस्थित सभी लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड बनाने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में जारी भ्रष्टाचार की मुहिम के समर्थन के लिए सभी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में मिल रही सफलताओं का उत्सव है। जनभावनाओं की इस मुहिम को गति देने के लिए जो सम्मान आप लोग मुझे दे रहे हैं, दरअसल वह सवा करोड़ देवतुल्य जनता का सम्मान है। यह मुहिम, जनता के सहयोग से लिए हुए हमारे विकल्पहीन संकल्प का संकल्प से जुड़ी हुई है। राज्यवासियों की उम्मीदों, सपनों और युवा पीढ़ी के भविष्य पर भ्रष्टाचार एक अभिशाप बन गया था। जिसने नौजवानों के साथ अन्याय किया, प्रतिभाओं को हाशिए कर धकेला है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा की सरकार बनाकर, मुझे मुख्यसेवक बनाने का मौका दिया तो भ्रष्टाचार को मिटाने का मैने संकल्प लिया। जनसामान्य के सहयोग और पीएम मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने अनेकों साहसिक निर्णय लेते हुए कठोर कदम उठाए। हमने साफ नीयत से व्यवस्था बदलने का काम किया। जिसकी शुरुआत की कठोरतम नकल विरोधी कानून से। इसके अमल में आने के बाद से लगातार एक के बाद एक भर्तियां ईमानदारी और पारदर्शिता से संपन्न हो रही हैं। इन तीन वर्षों में 24 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों बिना किसी विवाद से युवाओं को मिली हैं। लगभग 100 से अधिक नकल माफिया और उन्हें सहयोग देने वाले गलत तत्व आज सलाखों के पीछे हैं। पहले परिजनों की शिकायतें रहती थी कि बच्चे लगातार परीक्षा में सफल नहीं हो रहे हैं।
सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी गड़बड़ी, घोटालों के खिलाफ भी हमारी सरकार ने निर्णायक जंग प्रारंभ की है। जिसमें आईएएस से लेकर आईएफएस, वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट, अभियंता लगभग प्रत्येक स्तर के भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी पर कार्रवाई की है। उन्होंने कटाक्ष किया कि एक आम धारणा थी, भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई में केवल छोटी मछलियां पकड़ी जाती हैं। हमने इस धारणा को भी बदला और बड़ी मछलियां के साथ मगरमच्छ भी पकड़े जो भी गड़बड़ियों में लिप्त थे। शिकायतों को लेकर शुरू की गई 1905 सीएम हेल्पलाइन सफलता से काम कर रही है। जिसका में स्वयं प्रत्येक महीने मॉनिटरिंग करता हूं। इसी तरह भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए विजिलेंस हेल्पलाइन 1064 स्थापित की। अब 200 से छोटे बड़े भ्रष्टाचारियों कानून के शिकंजे में आ चुके हैं।
उन्होंने कहा, ये सब फैसले आसान नहीं थे, लेकिन प्रदेश की जागरूक जनता के साथ पीएम के आशीर्वाद से हम प्रदेश में नई कार्य संस्कृति स्थापित करने में कामयाब हो रहे हैं। भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड बनने तक यह लड़ाई जारी रहेगी। जिसका असली श्रेय प्रदेश की जागरूक जनता को जायेगा, जिसने हमे सेवा करने के बार बार अवसर दिया है।
