मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का शुभारंभ

49वें कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का भव्य शुभारंभ, सांस्कृतिक विरासत और विकास का संगम

नरेन्दरनगर। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था का प्रतीक नौ दिवसीय 49वां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला सोमवार को अत्यंत उत्साह और भव्यता के साथ आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल पहुंचकर विधिवत ध्वजारोहण कर मेले का शुभारंभ किया। इसके पश्चात उन्होंने रिबन काटकर विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा अमर शहीदों की प्रतिमाओं और स्वतंत्रता संग्राम स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मां कुंजापुरी के चरणों में नमन किया और सभी को मेले की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मां कुंजापुरी का आशीर्वाद और कृपा दृष्टि सदैव उत्तराखंड वासियों पर बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की गौरवशाली परंपरा, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। वर्ष 1974 से लगातार आयोजित हो रहा यह आयोजन व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं, कहा- मेले हमारी संस्कृति और लोक परंपरा के जीवंत प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की असली पहचान उसकी सनातन संस्कृति और जीवन मूल्यों में निहित है। हमारी संस्कृति केवल रीति-रिवाजों का समूह नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली विचारधारा है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी परंपराओं पर गर्व होना चाहिए, क्योंकि यही हमारी सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति है। मेले और त्योहार केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, संस्कृत शिक्षा, आर्थिक प्रगति और आध्यात्मिक उन्नति के प्रभावी माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाली पीढ़ियां भी इन परंपराओं की गरिमा को समझें और इन्हें संरक्षित रखें। तभी हमारी संस्कृति पीढ़ियों तक जीवित रह सकेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक धरोहरों को संवारने और पुनर्जीवित करने के कार्यों की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड के समग्र विकास, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन राज्य की सबसे बड़ी चुनौती है और इसे रोकने के लिए सरकार बहुआयामी योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘हाउस ऑफ हिमालय’ ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। फार्म मशीनरी बैंक, फिल्म नीति, एप्पल मिशन, और होमस्टे जैसी योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

उन्होंने गर्वपूर्वक कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता कानून लागू किया है। इसके साथ ही सशक्त नकल विरोधी कानून के माध्यम से पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। धर्मांतरण निरोधक कानून और अवैध अतिक्रमण हटाने की पहल ने राज्य को एक नई पहचान दिलाई है। राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा, निर्वाचन एवं संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मां कुंजापुरी मेला हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने वाला एक सशक्त माध्यम है। यह मेला न केवल प्रदेश की, बल्कि देश की विविध संस्कृतियों को एक साथ जोड़ने का मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से यह आयोजन निरंतर विकास और नवाचार की ओर अग्रसर है।

 

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