चकराता। चकराता क्षेत्र में रविवार को गैस सिलेंडरों के वजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। गैस वितरण के लिए बाजार पहुंची गाड़ी से सिलेंडर लेने पहुंचे उपभोक्ताओं ने जब वजन कराने की मांग की, तो आरोप है कि गैस एजेंसी के कर्मचारी आनाकानी करने लगे। इससे नाराज उपभोक्ताओं ने विरोध जताया। बाद में वजन किए जाने पर उपभोक्ताओं ने सिलेंडरों में निर्धारित मात्रा से कम गैस होने का दावा किया।

घरेलू सिलेंडरों में एक किलो तक गैस कम होने का दावा
उपभोक्ताओं का आरोप है कि वजन करने पर घरेलू गैस सिलेंडरों में आधा से एक किलो तक, जबकि व्यावसायिक सिलेंडरों में करीब दो किलो तक गैस कम पाई गई। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
सप्ताह या दस दिन में पहुंचता है गैस वाहन
चकराता क्षेत्र में गैस आपूर्ति की जिम्मेदारी शेरपुर स्थित लक्ष्मी बालाजी ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी के पास है। आरोप है कि एजेंसी के कर्मचारी सप्ताह या दस दिन के अंतराल पर गैस से लदा वाहन लेकर चकराता पहुंचते हैं।
रविवार सुबह गैस का वाहन बाजार पहुंचा तो उपभोक्ताओं ने कर्मचारियों से सिलेंडरों का वजन कराने को कहा। आरोप है कि शुरुआत में कर्मचारियों ने वजन कराने में आनाकानी की। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने नाराजगी जताते हुए विरोध शुरू कर दिया।
पूर्ति निरीक्षक और एजेंसी संचालक को दी जानकारी
सिलेंडरों का वजन किए जाने के बाद उपभोक्ताओं ने निर्धारित मात्रा से कम गैस होने का दावा किया। मामले की जानकारी पूर्ति निरीक्षक और गैस एजेंसी के संचालक को भी दी गई, ताकि मामले की जांच की जा सके।
व्यापार मंडल ने कोतवाली में दी शिकायत
मामले को गंभीर बताते हुए व्यापार मंडल ने संबंधित गैस एजेंसी और उसके कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। व्यापार मंडल ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, सिलेंडरों में गैस की वास्तविक मात्रा और लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
