टिहरी। नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और तेज़ करते हुए सोमवार देर शाम जिला कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में एनसीओआरडी की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए और नशामुक्ति अभियान की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक रिसॉर्ट और होमस्टे पर कड़ी निगरानी रखी जाए और नियमित रूप से औचक छापेमारी की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तत्काल अंकुश लगाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने सभी सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया।
बैठक में पुलिस विभाग से अपर पुलिस अधीक्षक जे.आर. जोशी ने अब तक किए गए चेकिंग अभियानों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार नशे से जुड़े अड्डों और संदिग्ध स्थानों पर नजर बनाए हुए है। वहीं कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी पवन काला ने जानकारी दी कि संयुक्त निरीक्षण के दौरान अफीम और भांग की खेती को नष्ट कर दिया गया है, ताकि यह सामाजिक बुराई जड़ से समाप्त हो सके। उन्होंने बताया कि बच्चों को हनुमान चालीसा का पाठ कराकर नशामुक्ति की शपथ दिलाई जा रही है, साथ ही महिलाओं को कॉकटेल-फ्री शादियों के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे।
ड्रग इंस्पेक्टर सी.पी. नेगी ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि पुलिस और राजस्व विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई के दौरान तपोवन और ढालवाला क्षेत्र की 33 दुकानों की जांच की गई। इनमें से 4 दुकानों पर नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल क्रय-विक्रय रोकने के नोटिस जारी किए गए। वहीं मनोविशेषज्ञ डॉ. रीना ने बताया कि जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और जिला जेल में काउंसिलिंग के माध्यम से कई लोगों को नशे से मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि तंबाकू मुक्त कैंपस की पहल को जनपद में व्यापक रूप से लागू किया जा रहा है और अब तक 9 ब्लॉकों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से आशा और सीएचओ को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर जनजागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
