नई टिहरी। ऊर्जा निगम द्वारा स्मार्ट मीटर को लेकर आम जनता के बीच फैली विभिन्न भ्रांतियों और अफवाहों को दूर करने के उद्देश्य से वृहद जागरूकता पखवाड़ा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को नगर पालिका नई टिहरी के सभागार में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विभागीय उच्चाधिकारियों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। बैठक के दौरान स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया गया तथा उपस्थित लोगों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
सटीक बिलिंग और पारदर्शिता पर जोर
विद्युत वितरण खंड टिहरी के अधीक्षण अभियंता शैलेंद्र सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग और बिजली खपत की वास्तविक जानकारी तत्काल उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने बताया कि इन मीटरों के लगने से पुरानी प्रणाली में होने वाली गलत बिलिंग और अनुमान आधारित रीडिंग की समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता अब अपनी दैनिक बिजली खपत की निगरानी स्वयं कर सकेंगे, जिससे ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उन्होंने इस भ्रांति का खंडन किया कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली दरों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी होती है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली उपभोक्ताओं के हित और सुविधा को ध्यान में रखकर लागू की जा रही है।
जनसंवाद में उठे सवाल, मिले संतोषजनक जवाब
कार्यशाला में मौजूद जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और बिलिंग प्रणाली को लेकर कई प्रश्न उठाए। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने सभी सवालों का विस्तारपूर्वक और शालीनता से जवाब दिया।
अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत पूरे जनपद एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि आम जनमानस तक स्मार्ट मीटर के वास्तविक लाभों की सही जानकारी पहुंचाई जा सके।
इस कार्यशाला में अधिशासी अभियंता अमित आनंद, नागरिक मंच के यूएस नेगी, भगवान चंद रमोला, सभासद उर्मिला राणा, भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं सभासद विजय कठैत सहित बड़ी संख्या में ऊर्जा निगम के कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
