भोजपुरी गीतों पर झूमे श्रोता विरासत महोत्सव का यादगार लम्हों के साथ समापन

देहरादून। भारतीय शास्त्रीय संगीत की कई विश्व विख्यात नामी और शाही कलाकारों की अद्भुत एवं शानदार प्रस्तुतियों से 15 दिन का विरासत महोत्सव का सफ़र यादगार लम्हों में कैद हो गया  I प्रत्येक वर्ष निरंतर यहां ओएनजीसी के डॉ.अंबेडकर स्टेडियम में रीच संस्था द्वारा आयोजित किए जाने वाले विरासत महोत्सव के  तीन दशक का समय भी शानदार अंदाज में पूर्ण हो चुका है।

बीते दिवस देर रात  विरासत महोत्सव में क्लोजिंग सेरेमनी अवसर पर जहां मशहूर कथक नृत्यांगना नयनिका घोष ने अपने कथक रागों के नृत्य से विरासत की महफिल को सजा डाला, वहीं मशहूर गायक और सांसद मनोज तिवारी के गीतों से विरासत के हजारों मेहमान झूम उठे और उन्होंने पूरा जश्न विरासत महोत्सव के अंतिम दिन यहां रहकर मनाया ।

विरासत महोत्सव की शाही शाम में अंतिम दिन मशहूर अभिनेता,भोजपुरी गायक और सांसद मनोज तिवारी के गीतों ने विरासत की महफ़िल सजा डाली I मनोज तिवारी मनोरंजन उद्योग और भारतीय राजनीति दोनों में एक लोकप्रिय व्यक्तित्व हैं, जिन्हें एक गायक, अभिनेता और राजनीतिज्ञ के रूप में उनके बहुमुखी योगदान के लिए जाना जाता है।

उन्होंने शुरुआत में अपने भोजपुरी संगीत के माध्यम से व्यापक पहचान हासिल की। संगीत में उनकी सफलता ने उनके अभिनय करियर का मार्ग प्रशस्त किया, जहाँ उन्होंने कई भोजपुरी फिल्मों में अभिनय किया और भोजपुरी फिल्म उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मनोरंजन के लिए एक स्वाभाविक स्वभाव के साथ तिवारी के प्रदर्शन ने दर्शकों के साथ गहराई से प्रतिध्वनित किया, जिससे भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में एक स्थायी प्रभाव पड़ा। विशेष रूप से उत्तरी भारत में जहाँ उनके गीत और फिल्में एक सांस्कृतिक घटना बन गईं।

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